एफ़टीआईआई के पाँच छात्र गिरफ़्तार

    • Author, देवीदास देशपांडे
    • पदनाम, पुणे से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

भारतीय फिल्म और टेलीविज़न संस्थान (एफटीआईआई) का संघर्ष आख़िर छात्रों की गिरफ्तारी में बदल गया.

मंगलवार आधी रात के बाद पुणे पुलिस ने पांच छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने 40 छात्रों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज किया था. इन छात्रों पर सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करना, ग़ैरक़ानूनी रूप से एकत्र होना, दंगा करना, सरकारी काम में हस्तक्षेप करना और संस्थान के निदेशक प्रशांत पाठराबे को उनके आफिस में बंद रखने के आरोप लगाए गए हैं.

अभिनेता गजेंद्र चौहान को संस्था का चेयरमैन बनाए जाने के ख़िलाफ़ एफटीआईआई के छात्र 69 दिनों से हड़ताल पर रहे है. सोमवार को उन्होंने 2008 बैच की मूल्यांकन प्रक्रिया का विरोध किया था.

विरोध

मूल्यांकन प्रक्रिया के विरोध में छात्रों ने निदेशक प्रशांत पाठराबे के कार्यालय का घेराव किया था.

उसके बाद निदेशक पाठराबे ने डेक्कन पुलिस में शिकायत दर्ज की थी. इन छात्रों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 147, 149, 323, 341, 353 और 323 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

चालीस छात्रों पर दर्ज एफआईआर में 15 छात्रों के ही नाम शामिल हैं, बाक़ी के मामले में एफ़आईआर में यही लिखा है कि ‘25-30 छात्र' हैं.

छात्रों के नेता विकास अर्स, रणजीत नायर, अमेय गोरे गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं. आधी रात के बाद लगभग सवा एक बजे पुलिस ने कैम्पस में प्रवेश करते हुए यह कार्रवाई की.

गिरफ्तार किए गए छात्रों को डेक्कन जिमखाना पुलिस थाने में ले जाया गया जहां काफी सारे छात्र और अन्य लोग इकट्ठा हो गए थे.

जिन 40 छात्रों के ख़िलाफ़ पुलिस में एफआईआर दर्ज है, उनमें तीन लड़कियां है, लेकिन लड़कियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

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