शनिवार, 27 दिसंबर, 2008 को 20:57 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में सोमवार यानी 29 दिसंबर को होने जा रहे आम चुनाव के लिए प्रचार का काम शनिवार की शाम ख़त्म हो गया.
बांग्लादेश में 29 दिसंबर को आम चुनाव के लिए मतदान होना है. प्रचार के अंतिम समय में सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी.
पिछले कुछ समय से आपातकाल झेल रहे बांग्लादेश में चुनाव के साथ ही लोकतंत्र की वापसी का रास्ता तय होना है.
पर प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए यह वर्चस्व की लड़ाई का प्रश्न भी बन चुका है क्योंकि देश के कई कद्दावर नेता भ्रष्टाचार जैसे आरोप झेल रहे हैं.
इस चुनाव में तीन सौ सदस्यीय संसद के लिए सोमवार सुबह से मतदान शुरू होगा.
कड़ी सुरक्षा
किसी भी अप्रिय घटना या हिंसा की स्थिति पैदा न हो और यदि हो तो उसे तुरंत नियंत्रित किया जा सके, इसके मद्देनज़र सुरक्षा के भारी इंतज़ाम किए गए हैं.
हज़ारों की तादाद में सेना के जवानों की तैनाती की गई है. ख़ासकर संवेदनशील इलाकों पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है और वहाँ ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं.
पिछले दिनों प्रचार के दौरान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की नेता ख़ालिदा ज़िया की सभा के बाद बम की बरामदगी और भारतीय गुप्तचर सूचना के अनुसार आवामी लीग की नेता शेख हसीना की जान को ख़तरे की रिपोर्टो के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई थी.
जानकार बताते हैं कि आम मतदाता के लिए इस चुनाव में बढ़ती महंगाई, क़ानून व्यवस्था और इस्लामी चरमपंथ का बढ़ता प्रभाव, उर्जा संकट, मानवाधिकारों का उल्लंघन और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे अहम हैं.