बुधवार, 17 अगस्त, 2005 को 07:02 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में राजधानी ढाका समेत कई जगहों पर 300 से ज़्यादा बम धमाके हुए हैं. इन धमाकों में दो लोग मारे गए हैं और 100 अन्य घायल हो गए हैं.
इन धमाकों के बाद लोगों में भारी दहशत फैल गई.
पुलिस ने पूरे देश में छापे मारे हैं और 50 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया ने इन घटनाओं को 'बुज़दिलों की सुनियोजित आतंकवादी कार्रवाई' कहते हुए इसकी निंदा की है.
चीन की विदेश यात्रा पर गई प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया ने कहा, "ऐसा काम करने वाले देश, मानवता, शांति और लोकतंत्र के दुश्मन हैं."
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय का कहना है कि फ़िलहाल स्पष्ट तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि ये धमाके किस संगठन ने करवाए हैं.
लेकिन पुलिस के अनुसार घटनास्थलों से कुछ ऐसे पर्चे बरामद किए गए हैं जिनमें इस्लामी क़ानून लागू किए जाने की माँग की गई है.
इन पर्चों में अमरीका और ब्रिटेन को मुस्लिम देशों से बाहर निकल जाने को कहा गया है.
अधिकारियों का कहना है कि ये पर्चे एक प्रतिबंधित इस्लामी संगठन जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश नामक संगठन के हैं.
पर्चों में कहा गया है, "बुश और ब्लेयर को चेतावनी दी जाती है कि वे मुस्लिम देशों से बाहर निकल जाएँ. मुस्लिम देशों में शासन करने के तुम्हारे दिन ख़त्म हो गए हैं."
जमातुल मुजाहिदीन पर बांग्लादेश में प्रतिबंध लगा हुआ है और पहले भी इस तरह के हमलों के लिए उस पर आरोप लगाए गए हैं.
बांग्ला टेलीविज़न चैनल एनटीवी ने ख़बर दी है कि ढाका, चटगाँव, भोला, पोटुआख़ाली, खुलना, राजशाही, सतख़ीरा, पंचगार, गाजीपुर, लख़्शीपुर, किशोरगंज, चुआडंगा ज़िलों में एक साथ बम धमाके हुए हैं.
पुलिस के अनुसार हर जगह अज्ञात लोगों ने भीड़भाड़ वाले इलाक़ों में ये धमाके किए हैं.
बम धमाके मुख्य रूप से सरकारी इमारतों, प्रेस क्लबों और अदालतों की इमारतों पर हुए.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ये बहुत तालमेल वाले और संगठित बम धणाके थे और इनका मुख्य मक़सद दहशत फैलाना और अपना संदेश पहुँचाना था.
सुरक्षा कर्मियों के अनुसार हमलों में इस्तेमाल किए गए बम देसी क़िस्म के थे और उनसे सीमित नुक़सान ही हो सकता था.
राजधानी ढाका में सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों और वाहनों की जाँच की जा रही है.
इसके अलावा देश भर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.