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मंगलवार, 14 नवंबर, 2006 को 18:23 GMT तक के समाचार

'सभी अपहृत लोगों को मुक्त कराया गया'

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाबलों ने इराक़ में अपह्त किए गए सभी लोगों को मुक्त करा लिया है.

इराक़ के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार इराक़ी पुलिस के विभिन्न अभियानों के बाद बंधकों को मुक्त कराया जा सका.

ग़ौरतलब है कि मंगलवार को बग़दाद के केंद्रीय इलाक़े में स्थित उच्चशिक्षा मंत्रालय की इमारत से अनेक सरकारी कर्मचारियों को अगवा कर लिया गया था.

ख़बरों के अनुसार लगभग 40 लोगों को बंधक बनाया गया था.

कितने कर्मचारियों का अपहरण किया गया इस बारे में विरोधाभासी ख़बरें मिली थीं.

कुछ लोगों का कहना था कि क़रीब 40 लोगों को अगवा किया गया लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री ने अगुवा किए गए लोगों की संख्या 100 से 150 के बीच बताई थी.

बाद में शाम होने तक संख्या के बारे में ख़बरें आई हैं कि चालीस लोगों को अगवा किया गया.

आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना के सिलसिले में अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की गई. पाँच पुलिस कमांडरों को गिरफ़्तार भी किए जाने की ख़बरें हैं.

ख़बरों के अनुसार अपहर्ता कोई बीस कारों में आए थे और उन्होंने इराक़ी सुरक्षाकर्मियों की तरह की वर्दी पहन रखी थी.

अपहरणकर्ता उच्चा शिक्षा मंत्रालय के संग्रहालय वाले कक्ष के सामने रुके जहाँ मंत्रालय का रिकॉर्ड रखा जाता है.

महिलाओं को एक किनारे करने के बाद अपहरणकर्ता उन सब पुरुषों को अपने साथ ले गए जितने वहाँ मौजूद थे.

इनमें सुरक्षा गार्ड और वे लोग भी शामिल थे जो मंत्रालय से रिकॉर्ड लेने के लिए पहुँचे हुए थे.

संसद की शिक्षा समिति के प्रमुख अल्ला मक्की ने बताया है कि अपहरण का शिकार लोगों में शिया और सुन्नी दोनों हैं.

मक्की ने संसद की कार्यवाही को रोकते हुए यह ख़बर संसद को दी. उन्होंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षामंत्री से अनुरोध किया है कि तत्काल कोई क़दम उठाएँ.

इससे पहले भी चरमपंथी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को निशाना बना चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता डेविड लॉयन का कहना है कि इस ताज़ा हमले के बाद सवाल पूछे जा रहे हैं कि सुरक्षाकर्मी सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने में कितने सक्षम हैं.