जमुई मामले में लड़की के परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज

बिहार पुलिस के मुताबिक, लड़की के परिजनों की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपलोड किए जाने के संबंध में सीएमओ कार्यालय के एक कर्मी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

सारांश

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी
  • अमेरिका पहुंचे शी जिनपिंग
  • मोटरसाइकिल चलाती ईरानी महिलाएं
  • चुटकियों में रुबिक क्यूब सॉल्व करने वाली 6 साल की बच्ची
  • 11 सितंबर, 2026 को प्रोटेस्ट करते बैंक कर्मचारी
  • ज़ोहरान ममदानी ट्रंप के सामने उनके मीडिया बैन पर बोले
  • आईआईटी बॉम्बे में एक स्टूडेंट की मौत
  • lowride cars

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, अरशद मिसाल

  1. अब इस लाइव ब्लॉग को रोकने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

  2. जमुई मामले में लड़की के परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज

    बिहार पुलिस
    इमेज कैप्शन, सीएमओ कार्यालय के एक कर्मी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है

    बिहार के जमुई ज़िले में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ अभद्र व्यवहार की घटना से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है.

    बिहार पुलिस के मुताबिक, लड़की के परिजनों की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपलोड किए जाने के संबंध में सीएमओ कार्यालय के एक कर्मी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

    पुलिस ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया, "19 सितंबर 2026 को जमुई ज़िले की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस मामले में जमुई पुलिस पहले ही विधि-सम्मत कार्रवाई कर चुकी है."

    "25 सितंबर को सूचना मिली कि पीड़िता के परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की गई है. इसके बाद संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया."

    इस बीच, लोकसभा सांसद मीसा भारती ने भी मामले को लेकर एक आवेदन दिया है. उन्होंने अपने आवेदन में अनुरोध किया है कि बिना जांच किसी व्यक्ति को दोषी घोषित न किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए.

    पटना पुलिस

    पुलिस के अनुसार, सांसद के आवेदन को दर्ज कांड की जांच का हिस्सा बनाया गया है.

    अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार और निष्पक्ष जांच की जा रही है.

  3. सऊदी अरब के नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर हूती हमलों की सुरक्षा परिषद ने की निंदा

    हूती विद्रोही
    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है.

    सुरक्षा परिषद के मौजूदा अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के प्रतिनिधि जेरोम बोनाफों ने एक संयुक्त बयान में कहा, "सुरक्षा परिषद के सदस्य सऊदी अरब के ख़िलाफ़ हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं."

    "इनमें नागरिकों और ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं. इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक घायल हुए हैं."

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं और हूती हमलों में इज़ाफ़ा देखा गया है.

    सुरक्षा परिषद ने इन हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता और नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा बताया है.

  4. पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री का इमरान ख़ान की पार्टी पर हमला, कहा- 'हिम्मत है तो मार्च करके दिखाए'

    अता तरार
    इमेज कैप्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अता तरार ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी को भी निशाने पर लिया

    पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अता तरार ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी लॉन्ग मार्च की घोषणा करने के बावजूद उससे पीछे हट गई है.

    उन्होंने कहा कि पीटीआई में हिम्मत नहीं है, इसलिए वह अपने ही आंदोलन से भाग गई.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अता तरार ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी को भी निशाने पर लिया.

    उन्होंने कहा कि सुहैल अफरीदी मुख्यमंत्री से ज्यादा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के कमांडर जैसे दिखाई देते हैं.

    अता तरार ने आरोप लगाया कि पीटीआई आतंकियों का समर्थन करती है और उन्हें हर तरह की मदद पहुंचाती है.

    उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की सहायता करने के बाद भी पार्टी खुद को राजनीतिक ताकत बताती है, जबकि हकीकत में वह आतंकियों की पसंदीदा पार्टी बनी हुई है.

    उन्होंने दावा किया कि पीटीआई ने अपने प्रस्तावित लॉन्ग मार्च की कोई ठोस तैयारी नहीं की थी और इसी वजह से पार्टी आंदोलन शुरू होने से पहले ही पीछे हट गई. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर पीटीआई में हिम्मत है तो वह मैदान में आकर लॉन्ग मार्च करके दिखाए.

    कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए अता तरार ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में विभिन्न राजनीतिक दलों पर आतंकवादी हमले हुए हैं, लेकिन प्रांतीय सरकार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचती रही है.

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है और उसे अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए.

  5. बृजभूषण सिंह को बरी किए जाने के फैसले को चार महिला पहलवानों ने दी चुनौती

    बृजभूषण शरण सिंह
    इमेज कैप्शन, 3 अगस्त को मजिस्ट्रेट अदालत ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    चार महिला पहलवानों ने शुक्रवार को सत्र अदालत में याचिका दायर कर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को चुनौती दी है.

    याचिका में डब्ल्यूएफ़आई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है.

    गौरतलब है कि तीन अगस्त को मजिस्ट्रेट अदालत ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. यह मामला विनेश फ़ोगाट समेत छह महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज किया गया था.

    पहलवानों की ओर से दाखिल अपील में कहा गया है कि बरी करने का आदेश "ग़लत और कानून की नज़र में टिकने लायक नहीं" था.

    इस मामले पर शनिवार को सुनवाई होने की संभावना है.

    अपने फैसले में मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा था कि शिकायत करने वाली पांच पहलवानों में से दो ने स्वीकार किया कि उन पर बृजभूषण के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने का दबाव था.

    अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित, झूठे और साजिश के तहत लगाए गए प्रतीत होते हैं.

    239 पन्नों के फैसले में अदालत ने यह भी कहा था कि शिकायतकर्ताओं के बयानों में कई विरोधाभास हैं और वे वर्षों तक बृजभूषण के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे हुए थीं.

    हालांकि अब चार महिला पहलवानों ने इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देकर मामले की दोबारा न्यायिक समीक्षा की मांग की है.

  6. बद्रीनाथ मंदिर के पास डीजे कॉन्सर्ट को लेकर बढ़ा विवाद, मुरली मनोहर जोशी ने क्या कहा

    मुरली मनोहर जोशी
    इमेज कैप्शन, बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक बाहर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद कई लोग आपत्ति जता रहे हैं. मुरली मनोहर जोशी (फ़ाइल फ़ोटो)

    बद्रीनाथ धाम में आयोजित किए गए डीजे कॉन्सर्ट पर बढ़े विवाद के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कड़ी आपत्ति जताई है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़र्म एक्स पर लिखा कि बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है.

    उन्होंने लिखा, "आदि गुरु शंकराचार्य ने बद्रीनाथ धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण वातावरण के बीच भगवद् भजन और साधना के लिए की थी. जिस स्थान पर परंपरागत रूप से शंख बजाने तक पर प्रतिबंध है, वहां शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों के विपरीत है."

    उन्होंने आरोप लगाया कि 'यह स्थिति देवभूमि को धीरे-धीरे बाज़ारू संस्कृति की ओर धकेलने का प्रतीक' है.

    उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, शंकराचार्यों और संत-महात्माओं से इस मुद्दे पर प्रभावी आवाज उठाने की अपील की.

    साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाकर देवभूमि की मर्यादा और आध्यात्मिक स्वरूप को बनाए रखा जाए.

    मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़, बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक बाहर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर साधु-संतों और मंदिर के पुजारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है. पवित्र स्थल के पास तेज आवाज में डीजे बजाने और डांस कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर आलोचना हो रही है.

    ख़बरों के अनुसार, यह कार्यक्रम सेना की जनसंपर्क पहल 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत चमोली जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था.

    'हमारी विरासत, हमारा भविष्य' थीम पर आधारित यह दो दिवसीय कार्यक्रम 19-20 सितंबर को हुआ था. इसमें उत्तराखंड की लोक गायिका प्रियंका मेहर ने प्रस्तुति दी. कार्यक्रम के वीडियो वायरल हुए जिसमें संगीत बजने के दौरान मंच के पास लोगों को नाचते हुए देखा गया.

  7. मणिपुर में हिंसा जारी, 13 थाना क्षेत्रों को छोड़ पूरे राज्य में अफ़स्पा लागू, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    मणिपुर पुलिस, सांकेतिक तस्वीर
    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    मणिपुर के कामजोंग ज़िले में संदिग्ध उग्रवादियों के एक हथियारबंद समूह ने हमला कर चार तांगखुल नगा लोगों की हत्या कर दी. मारे गए लोगों में एक पिता और उनका बेटा भी शामिल हैं.

    कामजोंग पुलिस के अनुसार यह घटना पिलोंग गाँव में गुरुवार शाम करीब 4 बजे हुई. इस हत्या के विरोध में 'तांगखुल नगा लॉन्ग' नामक संगठन ने इलाक़े में 24 घंटे के पूर्ण आपातकालीन शटडाउन का आह्वान किया है.

    भारत-म्यांमार सीमा पर पिलर नंबर 95 के पास बसा पिलोंग गाँव नगा जनजाति बहुल क्षेत्र है. यह वही इलाक़ा है जहाँ नवंबर 2023 में म्यांमार से भागकर आए करीब पांच हज़ार लोगों ने शरण ली थी. बीते कुछ वर्षों में कामजोंग ज़िले से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी की कई रिपोर्टें सामने आई हैं.

    इस हमले के बारे में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "हमला कल शाम करीब 4 बजे हुआ था, जिसके तुरंत बाद इलाक़े में घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई. ग्रामीणों के अनुसार इस हमले में कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (केएनए-बी) के कैडर शामिल थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है."

    पुलिस के अनुसार, केएनए-बी म्यांमार स्थित एक चरमपंथी संगठन है, जिसके कैडर सीमा के पास सक्रिय हैं. पुलिस को भी संदेह है कि केएनए-बी के कैडरों ने ही इस हमले को अंजाम दिया है.

    हमले में मारे गए लोगों की पहचान फामी जाजो (43), निंगथेम कसाक (35), बेटरसन जाजो (50) और 67 वर्षीय वारेशिम जाजो के रूप में हुई है. वारेशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे.

    मणिपुर के उखरुल ज़िले में इस साल 7 फरवरी को नगा और कुकी समुदायों के युवकों के बीच हुए एक झगड़े के बाद से दोनों जनजातियों के बीच हिंसक टकराव जारी है. इस हिंसा में अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है.

    मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने चार नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि समाज में हिंसा की ऐसी घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है और इन्हें "बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

    इस बीच गृह मंत्रालय ने 13 खास पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले इलाक़ों को छोड़कर पूरे मणिपुर राज्य को आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 के तहत "अशांत क्षेत्र" घोषित किया है. यह घोषणा 1 अक्तूबर 2026 से छह महीने तक लागू रहेगी.

  8. शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर ट्रंप से किया सही रुख़ अपनाने का आग्रह

    शी और ट्रंप
    इमेज कैप्शन, चीन के राष्ट्रपति शीन जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर हैं

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान कहा है कि ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका सही रुख़ अपनाए.

    चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़, शी जिनपिंग ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि अमेरिका 'ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने' के सही रुख़ पर कायम रहेगा.

    चीनी नेता ने अमेरिका से 'ताइवान के मुद्दे को सावधानी से संभालने' का आग्रह किया, ताकि द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोग और चीन-अमेरिका संबंधों के लिए मज़बूत आधार तैयार किया जा सके.

    शिन्हुआ ने बताया कि उन्होंने कहा कि 'चीन की राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को लेकर उसकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है.'

    चीन स्वशासित ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि यह द्वीप ख़ुद को चीन से अलग मानता है. शी सरकार ने ख़ास तौर पर अपनी धमकियों को बढ़ाया है और उस गतिविधि को रोकने के तरीके तलाशे हैं, जिसे वह अलगाववाद मानती है.

    अमेरिका के ताइवान के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, हालांकि क़ानून के तहत वह ताइवान को आत्मरक्षा के साधन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है.

    लेकिन उसे अक्सर ताइवान के साथ इस रिश्ते और चीन के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने के बीच संतुलन साधना पड़ता है.

    यह क़रीब एक दशक में शी जिनपिंग की पहली अमेरिकी यात्रा है. साथ ही, ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं की तीसरी मुलाक़ात है.

  9. कार्टून: पहली बार...

    आज का कार्टून
    इमेज कैप्शन, चुनावों को लेकर सीजेपी के संस्थापक के बयान पर आज का कार्टून
  10. उपेंद्र कुशवाहा ने एसआईआर पर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की

    उपेंद्र कुशवाहा
    इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रीय लोक मोर्चा(आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एसआईआर पर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "एसआइआर से संबंधित विवाद पर जनता में काफी उलझन की स्थिति पैदा हो गई है. विषय को एड्रेस करने की ज़रूरत है. कंफ्यूजन दूर करने के लिए चुनाव आयोग की ओर से अविलंब सही स्थिति पर स्पष्टीकरण आना चाहिए."

    दरअसल, अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू की कई फ़ैसलों में असहमति रही है.

    विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार मनमाने तरीक़े से फ़ैसले ले रहे हैं. वहीं सत्ताधारी बीजेपी का कहना है कि असहमति 'वाइब्रेंट लोकतंत्र' में बहुत ही आम बात है.

  11. कांग्रेस का सवाल, 'क्या भारत के तीनों चुनाव आयुक्त आपस में बात भी करते हैं?'

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू
    इमेज कैप्शन, निर्वाचन आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ ही दो अन्य चुनाव आयुक्त होते हैं

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच आपसी समन्वय पर सवाल खड़े किए.

    उन्होंने सवाल पूछा कि 'क्या तीनों चुनाव आयुक्त आपस में बात भी करते हैं?'

    उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "निश्चित तौर पर, हमें तो ऐसा नहीं लगता. 2025-26 के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और उप चुनाव आयुक्त समेत क़रीब 50 अधिकारियों का तबादला हुआ, लेकिन उनकी एआरसी (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) अब भी लंबित हैं."

    उन्होंने दावा किया, "नियम के मुताबिक़ मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को एक पैनल के तौर पर मिलकर इन रिपोर्टों पर हस्ताक्षर करने होते हैं. लेकिन वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं."

    "बताया जा रहा है कि प्रभावित अधिकारियों में से कुछ कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त और दूसरे चुनाव आयुक्तों से अलग-अलग मिल चुके हैं और अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दिलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से अनुरोध कर चुके हैं."

    पवन खेड़ा ने लिखा, "लेकिन तीनों एक साथ बैठकर इन पर हस्ताक्षर नहीं कर पा रहे हैं या नहीं कर रहे हैं. इसलिए एआरसी अब भी लंबित हैं, यहां तक कि उन अधिकारियों की भी, जो काफ़ी समय पहले अन्य जगहों पर तैनात किए जा चुके हैं."

    "अगर तीनों नियमित काग़ज़ी काम पर भी सहमत नहीं हो सकते, तो दुनिया के सबसे बड़े चुनाव के संचालन को लेकर हमें उन पर कितना भरोसा होना चाहिए?"

    अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू की कई फ़ैसलों में असहमति रही है.

    विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार मनमाने तरीक़े से फ़ैसले ले रहे हैं और सत्ताधारी बीजेपी का कहना है कि असहमति 'वाइब्रेंट लोकतंत्र' में बहुत ही आम बात है.

  12. जंतर-मंतर पर आइसा का प्रदर्शन, कई नेताओं को हिरासत में लिया गया

    दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव
    इमेज कैप्शन, हिरासत में लिए गए लोगों में सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और छात्र नेता नेहा शामिल हैं

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की और चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर सवाल उठाए.

    आइसा ने मुताबिक, प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिली. इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर एकत्र हुए.

    संगठन का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए लोगों में सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, छात्र नेता नेहा बोरा समेत कई छात्र और कार्यकर्ता शामिल हैं.

    आइसा ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है. संगठन ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की.

    संगठन का कहना है कि छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक मुद्दों पर सवाल उठाने का अधिकार है. आइसा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग लोगों का भरोसा खो चुका है और मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवादों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

    दरअसल, अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने बीते कुछ महीनों के दौरान कई मुद्दों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से असहमति जताई है.

    इस रिपोर्ट के बाद राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया है और विपक्ष के नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.

  13. सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती का सैनिकों से अपील, 'आख़िरी सांस तक लड़ने को तैयार रहें'

    सऊदी अरब झंडा
    इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब पर हमलों में तेज़ी दिखाई है

    सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती ने देश के सैनिकों से कहा है कि वे यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को सत्ता से हटाए जाने तक आख़िरी सांस तक लड़ने के लिए तैयार रहें.

    सऊदी अरब के सबसे बड़े धार्मिक नेता शेख़ सालेह बिन फौजान अल-फौजान का यह अहम संदेश ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ हफ़्तों से क्षेत्र में हिंसा बढ़ गई है.

    हूती विद्रोही लगातार ड्रोन और मिसाइलों से सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं, जबकि जवाब में सऊदी अरब यमन में हवाई हमले कर रहा है.

    इस बीच, हाल ही में हुए मक्का समझौते के तहत सहयोग के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तुर्की अपने शीर्ष सैन्य अधिकारी (सेना प्रमुख) को रियाद भेज रहा है.

  14. एशियन गेम्स: नेपाल ने टी20 मैच में अफ़ग़ानिस्तान को 5 विकेट से हराया

    नेपाल ने अफ़ग़ानिस्तान को हरा दिया है
    इमेज कैप्शन, नेपाल ने अफ़ग़ानिस्तान को हरा दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    नेपाल ने अफ़ग़ानिस्तान को टी20 मैच में पाँच विकेट से हरा दिया है.

    एशियन गेम्स के इस मैच में अफ़ग़ानिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट के नुक़सान पर 102 रन बनाए.

    अफ़ग़ानिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा 30-30 रनों का योगदान मध्यम क्रम के बल्लेबाज़ फ़ैसल ख़ान और मोहम्मद इशाक़ ने दिया.

    इसके जवाब में बल्लेबाज़ी करने उतरी नेपाल की टीम ने 17.2 ओवर में पाँच विकेट के नुक़सान पर 103 रन बनाकर मैच जीत लिया.

    नेपाल की ओर से संदीप जोरा ने 34 और रोहित पौडेल ने नाबाद 33 रन बनाए.

  15. अभिजीत दीपके का मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना, कहा- फ़िक्स्ड मैच में भी सारे कैच नहीं छोड़े जाते

    सीजेपी ने 2 अक्तूबर से पूरे देश में आंदोलन शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है
    इमेज कैप्शन, सीजेपी ने 2 अक्तूबर से पूरे देश में आंदोलन शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा.

    उन्होंने पोस्ट में लिखा, "फ़िक्स्ड मैच में हर कैच नहीं छोड़ा जाता, कुछ कैच पकड़े भी जाते हैं ताकि मैच को आख़िरी ओवर तक खींचकर दिखाया जा सके कि मुक़ाबला कड़ा था."

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवादों के बीच उन्होंने आरोप लगाया, "इसी तरह, आपको कुछ जीत दिलाई जाएंगी, इतनी कि आप चुनाव लड़ते रहें और लोगों को लगे कि वास्तव में मुक़ाबला हुआ था. ये कुछ जीतें वे टुकड़े हैं, जो आपको खेल में बनाए रखते हैं और पूरी प्रक्रिया को वैध दिखाने में मदद करते हैं."

    दीपके ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जीवित मतदाताओं को मरा हुआ घोषित किया जा रहा है. क्योंकि वे ज्ञानेश कुमार के बॉस के लिए वोट नहीं करते?"

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर कल यानी शनिवार तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफ़ा नहीं दिया, तो सीजेपी 2 अक्तूबर से पूरे देश में प्रदर्शन शुरू करेगी.

  16. अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  17. चिराग पासवान ने कहा- चुनावी प्रक्रिया पर संदेह बढ़ना ठीक नहीं, आयोग अपना पक्ष रखे

    चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं
    इमेज कैप्शन, एलजेपी (रामविलास) एनडीए की साझेदार है और चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं

    लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा है कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है ऐसे में अगर आयोग के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं तो ये ज़िम्मेदारी भी उसकी और ख़ास तौर पर सीईसी की है कि वो अपनी बातों को मज़बूती से रखे.

    उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष क्या बोलता या नहीं बोलता है उससे मुझे बहुत ज़्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ता है. आप (विपक्ष) अगर आरोप नहीं लगाएंगे तो आप अपनी राजनीति को साधेंगे कैसे."

    चिराग पासवान ने कहा, "राहुल गांधी या किसी विपक्ष को जवाब देने के लिए नहीं बल्कि जनता के मन में किसी प्रकार का कोई संदेह न आए, यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी चुनाव आयोग की है."

    इससे पहले अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं.

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की है.

    विपक्ष का कहना है कि ज्ञानेश कुमार मनमाने तरीक़े से फ़ैसले ले रहे हैं और सत्ताधारी बीजेपी का कहना है कि असहमति 'वाइब्रेंट लोकतंत्र' में बहुत ही आम बात है.

  18. जमुई यौन हिंसा: तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सज़ा देने की मांग की

    तेजस्वी यादव
    इमेज कैप्शन, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर जमुई यौन हिंसा की शिकार नाबालिग लड़की के परिवार की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप लगाया

    बिहार के जमुई में यौन हिंसा का शिकार हुई लड़की के परिवार के साथ फ़ोटो लगाने पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने निशाना साधा है.

    तेजस्वी यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "नासमझ, अनाड़ी, कानून विरोधी बिहार के मुख्यमंत्री ख़ुद पॉक्सो एक्ट की धज्जियाँ उड़ा रहे है. जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की परिजनों संग अपने सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीर जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे है."

    उन्होंने लिखा, "पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़ित बच्चे या नाबालिग की पहचान को गुप्त रखना कानूनन अनिवार्य है और इसे सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है."

    तेजस्वी यादव ने मांग की, "बिहार के मुख्यमंत्री को इस जुर्म के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए नहीं तो फिर पॉक्सो एक्ट को मानेगा कौन? ऐसे लोग कानून के रक्षक नहीं भक्षक है."

  19. सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दिया ये 'अल्टीमेटम'

    ज्ञानेश कुमार अपने कई फ़ैसलों की वजह से विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
    इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार अपने कई फ़ैसलों की वजह से विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर कल यानी शनिवार तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो सीजेपी 2 अक्तूबर से पूरे देश में प्रदर्शन शुरू करेगी.

    दीपके ने लिखा, "इस गांधी जयंती पर लोकतंत्र का बचाने का संकल्प लें."

    इससे पहले अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों के साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर है.

    इंडियन एक्सप्रेस की जर्नलिस्ट रितिका चोपड़ा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कई फ़ैसलों पर आपत्ति दर्ज की.

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल ख़ासा चर्चित और विवादों में रहा है. अपने कई फ़ैसलों को लेकर वो विपक्ष के निशाने पर रहे हैं..

  20. एशियन गेम्स: भारत ने जीता 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम का गोल्ड

    एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक दो गोल्ड मेडल जीत लिए हैं
    इमेज कैप्शन, एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक दो गोल्ड मेडल जीत लिए हैं

    जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारत की और से कमलजीत और सुरुचि सिंह ने मिक्स्ड टीम के 10 मीटर एयर पिस्टल में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है.

    इसके साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने जापान को 3-1 से हराया. यह महिला हॉकी टीम की लगातार चौथी जीत है.

    फ़िलहाल भारत एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका में 19 पदकों के साथ 12वें पायदान पर है. इसमें 2 गोल्ड, 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं.

    चीन इस पदक तालिका में 85 गोल्ड मेडल के साथ पहले पायदान पर है.

    चीन ने कुल 135 पदक जीते हैं, जिनमें 30 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज़ भी शामिल हैं.

    वहीं जापान ने 97 मेडल जीते हैं. इनमें 22 गोल्ड, 36 सिल्वर और 39 ब्रान्ज़ शामिल हैं.