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लाइव, नेपाल के पीएमओ ने संवेदना जताने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का किया शुक्रिया

पीएमओ नेपाल ने एक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''बहुत-बहुत धन्यवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आपके फ़ोन करने और गहरी संवेदना व्यक्त करने के लिए.''

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, दीपक मंडल

  1. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं

    नेपाल में आई बाढ़ में 95 लोगों की मौत की पुष्टि, लापता पर्यटकों का आंकड़ा 500 से अधिक हुआ

    तिब्बत में आई आपदा और कैलाश मानसरोवर के श्रद्धालुओं के बारे में क्या पता है?

    आईआईटी दिल्ली में क्यों हो रहा है प्रदर्शन, स्टूडेंट किस तरह की मांग कर रहे हैं

    मार्क कार्नी की तरह भारत ट्रंप को जवाब क्यों नहीं दे पा रहा है?

  2. नेपाल के पीएमओ ने संवेदना जताने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का किया शुक्रिया

    पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर संवेदना जताने पर नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने धन्यवाद दिया है.

    पीएमओ नेपाल ने एक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''बहुत-बहुत धन्यवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आपके फ़ोन करने और गहरी संवेदना व्यक्त करने के लिए.''

    ''इस मुश्किल समय में नेपाल के प्रति आपकी एकजुटता और सहायता की पेशकश के लिए हम दिल से आभारी हैं. एकजुटता का यह भाव दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती के रिश्तों को दर्शाता है, जिन्हें हम बहुत महत्व देते हैं.''

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में आई भारी बाढ़ के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की थी.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, ''प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की. इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मज़बूती से खड़े हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.''

  3. नेपाल में बाढ़: पुलिस ने बताया, चितवन ज़िले में सबसे अधिक मौतें

    नेपाल पुलिस ने अचानक आई बाढ़ के बाद मिले 95 शवों का ब्योरा जारी किया है.

    पुलिस के मुताबिक़, इनमें रसुवा में 1, नुवाकोट में 11, धादिंग में 18, चितवन में 33, गोरखा में 16, तनहूं में 5 और नवलपुर में 11 शव मिले हैं.

    पुलिस ने कहा कि वह जोखिम वाले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ बचाव और तलाशी अभियान चला रही है.

    नेपाल के अधिकारियों से लगातार जानकारी मिल रही है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

  4. नेपाल में आपदा के बाद भारत ने 10 टन राहत सामग्री भेजी

    भारत ने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए दस टन की राहत सामग्री (ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिज़ास्टर रिलीफ़) भेजी है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर दी गई जानकारी को साझा किया है.

    एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर बताया, ''भारत ने नेपाल के राहत कार्यों में मदद के लिए 10 टन एचएडीआर और ज़रूरी दवाएं भेजी हैं.''

    ''हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं.''

    ''इस मुश्किल समय में भारत.. नेपाल और उसके लोगों के साथ मज़बूती से खड़ा है.''

  5. बाढ़ पीड़ितों की आपबीती: ‘मेरे परिवार के लोग मेरी आंखों के सामने बह गए’

    बीबीसी ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से बच गए लोगों से बात की है.

    नेपाल के नुवाकोट जिले की कल्पना मल्ल ने बताया, "मेरे परिवार के लोग मेरी आंखों के सामने बाढ़ में बह गए."

    उन्होंने कहा कि उनके पिता, मां, बहन और बहन के बच्चे सभी बाढ़ में बह गए.

    उन्होंने कहा, "वे बाढ़ से बच नहीं सके. उनके पास बचने का कोई मौका ही नहीं था. इस बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया. लेकिन मैं और मेरा बेटा एक घर की छत पर चढ़ गए और बच गए. हमें खुद समझ नहीं आ रहा कि हम कैसे बच पाए."

    उनके बेटे सुगम मल्ल ने बताया कि उन्होंने अपनी मां का हाथ पकड़कर उन्हें बचाया.

    उन्होंने कहा, "इससे पहले मैंने अपना फ़ोन अपनी बहन को दे दिया था ताकि वह सुरक्षित रहे और मदद के लिए संपर्क कर सके. लेकिन अब उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. उसका मोबाइल बंद है. मुझे डर है कि कहीं वह भी बाढ़ में बह न गई हो."

    एक अन्य महिला गोमा पंडित ने बताया कि उनकी भैंसें और दूसरे सभी मवेशी बह गए.

    उन्होंने कहा, "मेरी खेती की जमीन भी बह गई. सरसों के 10 बोरे, कई टन मक्का और धान की पूरी फसल बह गई. अब कुछ भी नहीं बचा है."

  6. वीडियो में दिखी तबाही: पानी की दीवारों के आगे तबाही का मंजर

    नेपाल पुलिस ने अचानक आई बाढ़ की भयंकर तस्वीरें साझा की हैं. इन तस्वीरों से पता चलता है कि बाढ़ कितनी ख़तरनाक थी.

    अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि फुटेज नेपाल के किस हिस्से का है,

    पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट के रूप में वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने जनता से एक-दूसरे की मदद करने और अफवाहों को नज़रअंदाज करने का आग्रह किया.

  7. नेपाल में भारी बाढ़ से तबाही पर पीएम बालेंद्र शाह ने क्या दिया बयान

    नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देश में अचानक आई बाढ़ में हुई जनहानि पर कहा है कि उनका दिल बहुत भारी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जान-माल के नुक़सान से पूरा देश स्तब्ध और बेहद दुखी है. उन्होंने इस आपदा को अचानक आई और बहुत बड़ी आपदा बताया.

    उन्होंने जान गंवाने वालों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिना किसी देरी के बचाव अभियान के लिए अपने सभी संसाधनों को तुरंत जुटा लिया.

  8. बीबीसी वेरिफ़ाई: बाढ़ की चपेट में आए पुल पल भर में बह गए, शेरलट ग्रीन

    नेपाल में आई बाढ़ के वेरिफ़ाइड वीडियो में दिख रहा है कि त्रिशूली नदी पर बने दो अलग-अलग पुल मलबे की चपेट में आने के बाद बीच से टूट गए.

    यह मलबा ऊपर की ओर बह चुके दूसरे पुलों से आया था. बीबीसी वेरिफ़ाई ने इनमें से एक वीडियो की पहचान घाटबेसी पुल के रूप में की है.

    पुल से जो मलबा टकराया उसमें एक दूसरे पुल के हिस्से भी शामिल हैं. बाढ़ का ये पानी घाटबेसी पुल से टकराने के बाद दो हिस्सों में बंटता हुआ दिख रहा है. इसके बाद पानी पुल को बहाकर नीचे की ओर ले जा रहा है.

    दूसरे वीडियो में धादिंगबेसी पुल दिखाई दे रहा है. यह पुल घाटबेसी से करीब 6 किमी पश्चिम में, नदी की धारा के नीचे की ओर है.

    वीडियो में यह पुल भी एक पुल के अवशेषों को साथ ला रहे तेज बाढ़ के पानी की चपेट में आता दिखाई दे रहा है.

  9. नेपाल पुलिस ने बताया, अस्पताल में भर्ती लोगों में एक तीन महीने का बच्चा भी

    नेपाल पुलिस ने बाढ़ में घायल उन लोगों की लिस्ट जारी की है जो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं.

    पुलिस के मुताबिक, 29 लोगों की सूची में तीन महीने का एक बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत सामान्य बताई गई है.

    सूची में दो तीन साल के बच्चों के अलावा 12 और 14 साल के किशोर भी शामिल हैं.

    हालांकि, यह साफ़ नहीं है कि कुल कितने घायल लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

    सूची में घायलों की चोटों की जानकारी भी दी गई है. कुछ लोगों के पूरे शरीर पर चोट या खरोंच के निशान हैं, जबकि कुछ के सिर में चोट लगी है.

    कई लोगों के बारे में बताया गया है कि वे बोल नहीं पा रहे हैं.

  10. नेपाल की बाढ़ में अब तक 27 देशों के 403 लोग लापता

    नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी नई जानकारी के मुताबिक़ बुधवार सुबह आई बाढ़ में लापता लोगों की संख्या 403 हो गई है.

    बताया जा रहा है कि इनमें से 62 नेपाली और 341 विदेशी नागरिक हैं. इनमें 200 महिलाएं और 203 पुरुष शामिल हैं.

    ऐसा माना जा रहा है कि जिन विदेशियों से संपर्क नहीं हो पाया है, वे 26 अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें भारत से 133, अमेरिका से 47 और ब्रिटेन से 33 लोग शामिल हैं.

    बोर्ड ने टूर ऑपरेटरों का हवाला देते हुए कहा कि उनमें से अधिकांश मानसरोवर जा रहे यात्री थे.

  11. नेपाल में बाढ़ : तबाही कितनी भीषण?| 26 अगस्त, 2026 | दिनभर (बीबीसी हिन्दी)

  12. नेपाली सेना ने बाढ़ से 114 लोगों को बचाया, 15 हेलीकॉप्टर तैनात

    नेपाल की सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक बाढ़ में बचे 114 लोगों को बचाया जा चुका है. सैनिक मैलुंग गांव से 115 और लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

    सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने बीबीसी को बताया कि खोज और बचाव अभियान के लिए 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं.

    नेपाल के गृह मंत्रालय ने बताया कि तिमुरे, स्याफ़्रुबेसी और बेत्रावती में जान-माल के भारी नुकसान की ख़बर है.

    मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ से त्रिशूली जलविद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचा है और अलग-अलग जगहों पर पुल बह गए हैं.

  13. नेपाल: बचावकर्मी बचे लोगों की तलाश में जुटे, आपदा का स्तर 'कल्पना से परे', फणींद्र दाहाल, बीबीसी नेपाली

    यह 2015 के भूकंप के बाद नेपाल में आई सबसे विनाशकारी आपदा है. उस भूकंप में करीब 9,000 लोगों की जान गई थी.

    नेपाल-चीन सीमा से लगे कई निचले जिलों पर इसका असर पड़ा है. अधिकारियों का कहना है कि जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का स्पष्ट अनुमान सामने नहीं आया है.

    भोटेकोशी नदी के किनारे स्थित रसुवा और नुवाकोट जिलों की कई बस्तियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं.

    इन इलाकों में आबादी कम है, लेकिन यहां की सड़कें नेपाल-चीन व्यापार के लिए अहम संपर्क मार्ग हैं.

    इलाके में मौजूद हाइड्रोपावर परियोजनाओं, हाईवे और पुलों समेत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए हैं.

    स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि मरने वालों की संख्या कम से कम 31 है. एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि नुकसान का स्तर "कल्पना से परे" है.

    तिब्बत में स्थित कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों समेत हजारों पर्यटक इस इलाके से होकर गुजरते हैं.

    हर साल स्थानीय हिंदू त्योहार ‘जनै पूर्णिमा’ के दौरान सैकड़ों नेपाली श्रद्धालु पूजा के लिए इस क्षेत्र के एक राष्ट्रीय उद्यान में स्थित गोसाईंकुंड जाते हैं.

    जैसे-जैसे शाम ढल रही है, अधिकारियों के लिए खोज और बचाव अभियान चलाना मुश्किल होता जा रहा है.

    पिछले साल इसी इलाके में आई अचानक बाढ़ में 18 लोगों की मौत हुई थी.

  14. कार्टून: दो फ़ीट जिम्मेदारी

  15. नेपाल में कैसे आई भयंकर बाढ़, एक्सपर्ट ने क्या कहा?

    नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा है कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में बाढ़ तिब्बत में एक 'ग्लेशियर में भूस्खलन' के कारण आई है.

    बीबीसी नेपाली के मुताबिक अथॉरिटी ने कहा है कि सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर किए गए प्रारंभिक अध्ययन से पता चला है कि बाढ़ नेपाल-चीन रसुवागढ़ी सीमा चौकी से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में शुरू हुई थी.

    अधिकारियों ने बताया, "नेपाल-चीन सीमा पर भूस्खलन के कारण लेंडे नदी में कीचड़ भर गया है और बाढ़ का पानी तिमुरे के रास्ते त्रिशूली नदी में प्रवेश कर गया."

    पिछले साल आई भीषण बाढ़ ने तिब्बत की सीमा से लगे क्षेत्र में स्थित लेंडे नदी को व्यापक नुकसान पहुंचाया था.

    इसी बीच, इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) के विशेषज्ञों ने भी आशंका जताई है कि भीषण बाढ़ हिमस्खलन के कारण आई हो सकती है.

    आईसीआईएमओडी के विशेषज्ञ शश्वत सान्याल ने नेपाल की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी को बताया, "यह मुमकिन है कि हिमस्खलन के कारण नदी अवरुद्ध हो गई हो, जिससे अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगा हो."

    आईसीआईएमओडी में जलवायु और पर्यावरणीय जोखिम के प्रमुख ज़ियांगोंग झांग ने बताया कि पिछले साल रसुवा में बाढ़ से तबाह हुआ वही क्षेत्र अब फिर से ख़तरे में है.

    उन्होंने आरएसएस को बताया, "आज आई बाढ़ हिमस्खलन के कारण हुई थी, लेकिन इसकी पुष्टि अभी बाकी है. नेपाल-चीन सीमा पर नदी के ऊपरी इलाकों में अभी भी बाधाएं मौजूद हैं, इसलिए दूसरी बाढ़ आने की आशंका है."

    अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से इलाके में जान-माल का काफ़ी नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है.

  16. नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कई ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट किया गया

    नेपाल में आई बाढ़ की वजह से बिहार के कई ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है. नेपाल के कई इलाक़े बिहार की सीमा से सटे हैं.

    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है.''

    उन्होंने लिखा, ''पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली सहित संवेदनशील ज़िलों में तटबंधों की दिन-रात निगरानी, नाइट पेट्रोलिंग और ज़रूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं. एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमें तैनात हैं.''

  17. पीएम मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से की बात, कहा- भारत के लोग मज़बूती के साथ खड़े हैं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में आई भारी बाढ़ के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की है.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, ''प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की. इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मज़बूती से खड़े हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.''

    नेपाल में बुधवार सुबह रसुवा में आई बाढ़ से संपत्ति को व्यापक नुक़सान होने की आशंका है और दोपहर 3 बजे तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

    नेपाल की सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए कहा है कि त्रिशूली नदी का तटीय क्षेत्र चितवन तक ख़तरे में पड़ सकता है.

  18. नेपाल में पुल उखड़ गए और इमारतें ढह गईं, वेरिफ़ाइड वीडियो ने दिखाया कैसे हुई तबाही, एम्मा पेंजेली

    नेपाल से मिले वेरिफ़ाइड वीडियो में बाढ़ के पानी के तेज़ बहाव में एक पुल और बहुमंज़िला इमारतें ढहती दिख रही हैं. एक क़स्बे में कई इमारतों के नष्ट होने के बाद के हालात दिख रहे हैं.

    बीबीसी वेरिफ़ाई ने इन क्लिप्स को बागमती प्रांत के नुवाकोट ज़िले के त्रिशूली बाज़ार क्षेत्र का पाया है, जो काठमांडू से लगभग 25 कि.मी. उत्तर पश्चिम में स्थित है.

    वीडियो में दिख रहा है कि त्रिशूली नदी अचानक भारी मात्रा में पानी से उफान पर आ गई है. पानी की भारी मात्रा से उफान तेज़ है. नदी गाद से भर गई है.

    वीडियो शुरू होने के लगभग 40 सेकंड बाद, अचानक आई बाढ़ के भार से पुल उखड़ते दिख रहे हैं. कुछ ही सेकंड बाद, कई इमारतें भी ढहती जा रही हैं.

    उसी जगह से फ़िल्माए गए दूसरे वेरिफ़ाइड वीडियो में विनाशकारी परिणाम दिखाई दे रहे हैं.

    नदी का जलस्तर काफ़ी बढ़ गया है और पहले वीडियो में दिखाई देने वाले पेड़ और कई इमारतें बह गई हैं.

    यह साफ़ नहीं है कि वास्तव में कितनी इमारतें नष्ट हुई हैं लेकिन नदी किनारे की कई इमारतें गायब हो गई हैं. वो या आंशिक रूप से ढह गई हैं या बाढ़ की वजह से गाद से ढक गई हैं.

  19. नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, तस्वीरों में देखें

  20. नेपाल में भारतीय दूतावास ने मदद के लिए जारी किए इमरजेंसी नंबर

    नेपाल में भारतीय दूतावास ने बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद और उनसे जुड़ी जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं.

    दूतावास ने कहा है कि लोग किसी भी जानकारी के लिए इन फ़ोन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.

    नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक़, जिन पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनमें से सबसे अधिक संख्या भारत से है, जिनमें से 100 से अधिक भारतीय हैं.

    नेपाल के रसुवा ज़िले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से देश के अलग-अलग ज़िलों में कम से कम 17 शव बरामद किए गए हैं.

    नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया है कि 291 विदेशियों सहित 384 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया है.

    ये नंबर हैं -

    +977 985 131 6807

    +977 970 910 7500