नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा है कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में बाढ़ तिब्बत में एक 'ग्लेशियर में भूस्खलन' के कारण आई है.
बीबीसी नेपाली के मुताबिक अथॉरिटी ने कहा है कि सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर किए गए प्रारंभिक अध्ययन से पता चला है कि बाढ़ नेपाल-चीन रसुवागढ़ी सीमा चौकी से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में शुरू हुई थी.
अधिकारियों ने बताया, "नेपाल-चीन सीमा पर भूस्खलन के कारण लेंडे नदी में कीचड़ भर गया है और बाढ़ का पानी तिमुरे के रास्ते त्रिशूली नदी में प्रवेश कर गया."
पिछले साल आई भीषण बाढ़ ने तिब्बत की सीमा से लगे क्षेत्र में स्थित लेंडे नदी को व्यापक नुकसान पहुंचाया था.
इसी बीच, इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) के विशेषज्ञों ने भी आशंका जताई है कि भीषण बाढ़ हिमस्खलन के कारण आई हो सकती है.
आईसीआईएमओडी के विशेषज्ञ शश्वत सान्याल ने नेपाल की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी को बताया, "यह मुमकिन है कि हिमस्खलन के कारण नदी अवरुद्ध हो गई हो, जिससे अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगा हो."
आईसीआईएमओडी में जलवायु और पर्यावरणीय जोखिम के प्रमुख ज़ियांगोंग झांग ने बताया कि पिछले साल रसुवा में बाढ़ से तबाह हुआ वही क्षेत्र अब फिर से ख़तरे में है.
उन्होंने आरएसएस को बताया, "आज आई बाढ़ हिमस्खलन के कारण हुई थी, लेकिन इसकी पुष्टि अभी बाकी है. नेपाल-चीन सीमा पर नदी के ऊपरी इलाकों में अभी भी बाधाएं मौजूद हैं, इसलिए दूसरी बाढ़ आने की आशंका है."
अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से इलाके में जान-माल का काफ़ी नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है.