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नेपाल के बिदुर से सामने आए वीडियो में लोग एक ऐसी इमारत में शरण लेते दिख रहे हैं, जो बाढ़ के तेज़ बहाव की चपेट में आने के बावजूद खड़ी रही.
अरशद मिसाल, संदीप राय
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नेपाल में मौसम विज्ञान अधिकारियों ने कहा है कि वे अब उस ग्लेशियर के पास मौजूद दो अन्य ग्लेशियरों पर नज़र रखने की कोशिश कर रहे हैं, जो बुधवार को टूट गया था और जिसके कारण भीषण बाढ़ आई थी.
अधिकारियों ने कहा कि निगरानी ज़रूरी है, क्योंकि उन्हें मिली कुछ तस्वीरों में ग्लेशियरों पर दरारें दिखाई देती हैं.
उन्होंने तुरंत यह भी स्पष्ट किया कि इन दरारों का मतलब यह नहीं है कि ग्लेशियर जल्द ही टूट जाने वाला है. यह भी संभव है कि ये दरारें ग्लेशियरों में लंबे समय से मौजूद हों.
नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "लेकिन पास के ग्लेशियर के साथ जो हुआ, उसे देखते हुए हम इसकी निगरानी करने की कोशिश कर रहे हैं."
अधिकारी ने कहा कि वे चीन की ओर से साझा की गई ड्रोन तस्वीरों की जांच कर रहे हैं. ये तस्वीरें नेपाल की सीमा के अंदर माउंट लोंगटांग लिरुंग की उत्तरी ढलान पर ग्लेशियर के ढहने वाली जगह और उसके आसपास की ली गई हैं.

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हिमालय से जुड़े ख़तरों पर काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के विशेषज्ञों ने कहा कि ये दोनों अन्य ग्लेशियर उसी ल्हेंदे नदी में पानी पहुंचाते हैं, जिसमें बाढ़ आई थी.
संस्था में जलवायु और पर्यावरणीय जोखिमों के प्रमुख च्यांगगोंग झांग ने कहा, "सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से पता चलता है कि इनमें से एक ग्लेशियर में लटकी हुई बर्फ़ की बड़ी परतें हो सकती हैं, जिनकी निगरानी और जांच ज़रूरी है."
वैज्ञानिकों का कहना है कि लटके हुए ग्लेशियर ज़्यादा ख़तरनाक हो सकते हैं, क्योंकि वे पहाड़ों की खड़ी ढलानों से चिपके रहते हैं. टूटे हुए ग्लेशियर का एक हिस्सा भी इसी तरह पहाड़ की ढलान पर टिका हुआ था.

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नेपाल के बिदुर से सामने आए वीडियो में लोग एक ऐसी इमारत में शरण लेते दिख रहे हैं, जो बाढ़ के तेज़ बहाव की चपेट में आने के बावजूद खड़ी रही.
बाढ़ के पानी के तेज़ बहाव ने शहर के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया या बहा दिया.
बुधवार के पहले वीडियो की बीबीसी वेरिफ़ाई ने पुष्टि की है.

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इसमें बाढ़ के चरम के दौरान इमारत के तेज़ बहाव और भारी लहरों का सामना करते हुए खड़े रहने का दृश्य दिखता है.
लोग इसके अंदर किसी तरह अपनी जान बचाने के लिए शरण लेते नज़र आ रहे हैं.
तेज़ बहाव में बहकर आए दूसरी इमारतों के मलबे और वाहन भी इस इमारत से टकराते नज़र आ रहे हैं. बाढ़ के पानी ने इमारत को चारों तरफ़ से घेर लिया था.

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दूसरे वीडियो में दिखता है कि आसपास के इलाके़ में हुई तबाही के बावजूद हरे रंग का यह मकान लगभग पूरी तरह सुरक्षित रहा. यह बाढ़ शुरू होने वाली जगह से क़रीब 45 किलोमीटर दूर है.
सत्यापित वीडियो में बाढ़ का पानी उतरने के बाद कुछ बचे हुए लोग इसकी बालकनी पर खड़े नज़र आ रहे हैं. पीछे कीचड़ और मलबा जमा है. एक व्यक्ति छत पर लाल कपड़ा लहराता भी दिखाई दे रहा है, जिससे ऐसा लगता है कि वह मदद मांग रहा है.

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नेपाल के नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) की ओर से और अधिक जानकारी सामने आई है.
अपने ताज़ा अपडेट में अथॉरिटी ने कहा है कि नेपाल में लापता लोगों की संख्या बढ़कर 1924 हो गई है.
खोज और बचाव अभियान में 15,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
अथॉरिटी के मुताबिक़, इस संख्या में 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
हालांकि बाद में नेपाल पुलिस की ओर से जारी अपडेट में 575 विदेशी नागरिकों के लापता होने की बात कही गई है.
एनडीआरआरएमए ने नए अपडेट में बताया है कि नेपाल में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है.
अधिकारियों का कहना है कि अब तक क़रीब 4000 लोगों को बचाया जा चुका है.

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कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने कांग्रेस सरकार से इस्तीफ़ा देने का एलान किया है.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें योजना और सांख्यिकी मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, इसके 25 दिन बाद ही नागेंद्र ने इस्तीफ़े की घोषणा की है.
नागेंद्र के इस्तीफ़े की मांग तब शुरू हुई, जब विपक्षी बीजेपी और जेडीएस ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर विधानसभा सत्र में हंगामा किया.
दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागेंद्र ने कहा, "मैं दलित हूं, इसलिए विपक्षी बीजेपी ने मुझे निशाना बनाया है."
मुख्यमंत्री शिवकुमार गुरुवार को दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ नागेंद्र के इस्तीफ़े को लेकर चर्चा की थी.
नागेंद्र का इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है, जब विपक्षी बीजेपी और जेडीएस ने रायचूर से बल्लारी तक पदयात्रा निकालने की धमकी दी थी. बेल्लारी नागेंद्र का गृह ज़िला है.
नागेंद्र ने 3 अगस्त को मंत्री पद की शपथ ली थी. उस समय मुख्यमंत्री शिवकुमार ने 18 अन्य मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था.
निगम के लेखा अधीक्षक के सुसाइड नोट के आधार पर 88 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद नागेंद्र ने इससे पहले भी 6 जून 2024 को अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था.
आरोप है कि यह पैसा तेलंगाना और कर्नाटक की अलग-अलग कंपनियों को ट्रांसफ़र किया गया था.
यह पैसा यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के खाते से ट्रांसफ़र किया गया था. बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच शुरू की थी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागेंद्र ने आरोप लगाया, "पहली चार्जशीट में मेरे नाम का ज़िक्र तक नहीं था. सीबीआई ने दूसरी चार्जशीट में मेरा नाम शामिल किया, जबकि राज्य सीआईडी और एसआईटी ने मुझे क्लीन चिट दे दी थी."
मुख्यमंत्री शिवकुमार पहले ही कह चुके हैं कि नागेंद्र पार्टी के लिए एक मज़बूत व्यक्ति हैं.

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चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग और अन्य अधिकारियों ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित नेपाल की सीमा के पास स्थित ग्यिरोंग काउंटी का दौरा किया है.
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ली को वहां चल रहे बचाव और इमर्जेंसी रेस्पांस अभियान का नेतृत्व करने के लिए भेजा है.
बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल में जान-माल का व्यापक नुकसान पहुंचाया है.
नेपाल की ओर 550 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 1,000 लोग अभी भी लापता हैं.
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बती हिस्से में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और विदेशी पर्यटकों सहित 500 से अधिक लोग लापता हैं.

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नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास स्थित रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना के सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान सेना ने तेज़ कर दिया है.
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि सैनिक, लोगों को कंधे पर उठाकर ले जा रहे हैं. और कीचड़ की मोटी परतों के बीच रेंगकर दूसरे लोगों तक पहुंचते नज़र आ रहे हैं.

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर आवाज़ उठाने वाले क्रिकेट जगत के दिग्गजों में ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे क्रिकेट कप्तान पेट कमिंस का नाम भी शामिल हो गया है.
शुक्रवार को पेट कमिंस ने अपने एक्स हैंडल पर ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “मैं यहां जीसी (ग्रेग चैपल) और अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के समर्थन में अपनी बात जोड़ना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि अदालत के आदेश पर होने वाली मेडिकल जांच को पूरा होने दिया जाएगा और परिवार से मुलाकातें जारी रहेंगी.”
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इमरान ख़ान के साथ उसी सम्मान के साथ व्यवहार किया जाएगा, जिसका हक़दार हर व्यक्ति है.”
बीते बुधवार को ग्रेग चैपल ने एक पॉडकास्ट में इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी.
इसमें उन्होंने कहा था, “वह (इमरान ख़ान) बीते तीन सालों से अकेले हैं और मैं नहीं जानता कि कोई इस तरह के अकेलेपन से कैसे निपट सकता है. जिनके भी ख़िलाफ़ उन्होंने क्रिकेट खेला वो सभी जानते हैं कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से कितने स्ट्रांग हैं. लेकिन ये पता नहीं है कि बीते तीन सालों से पूरी तरह से एकाकीपन को वो कैसे झेल रहे होंगे.”
ग्रेग चैपल ने कहा, “यह कोई राजनीतिक बात नहीं है, यह मानवाधिकार का मुद्दा है. किसी को भी इस तरह से एकाकीपन में नहीं रखा जाना चाहिए.”
दरअसल इसी हफ़्ते क्रिकेट जगत के 22 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक पत्र लिखा था और इमरान ख़ान को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी.
क्रिक इन्फ़ो के मुताबिक़, "इस पत्र में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़ और न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तान शामिल थे. यह पूर्व 14 कप्तानों की ओर से फ़रवरी में लिखे गए पिछले पत्र के बाद भेजा गया था. उस पत्र का पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला था."

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बुधवार को तिब्बत-नेपाल में आए भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई भारतीय चीन में फंस गए थे, जिसके बारे में भारत सरकार ने जानकारी साझा की है.
शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफ़िंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें पता चला है कि चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से ज़मीन के रास्ते नेपाल पहुंच गए हैं. उन्हें वहां से निकालने के प्रयास जारी हैं."
उन्होंने कहा, "चीन की तरफ़ 400 भारतीय नागरिक हैं. वे सुरक्षित हैं. उन्होंने अपने परिवारों से संपर्क किया है, क्योंकि मुझे बताया गया है कि उस तरफ़ फ़ोन काम कर रहे हैं. हमारा दूतावास उनमें से कई लोगों, खासकर उनके टीम लीडरों और ट्रैवल एजेंट के संपर्क में है."
प्रवक्ता ने ये भी बताया कि तमिलनाडु के 21 लोगों को शुक्रवार को इंडिगो की उड़ान से दिल्ली सुरक्षित लाया गया है. काठमांडू में इन लोगों ने भारत के राजदूत से मुलाक़ात की थी.
उन्होंने बताया कि त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों को गुरुवार को बचा लिया गया है.
रणधीर जायसवाल ने लापता लोगों के बारे में कहा, "जहां तक उन लोगों की संख्या का सवाल है, जिनसे हम संपर्क नहीं कर पा रहे हैं या जो लापता हैं, इस समय यह संख्या 320 है."
उन्होंने साथ ही संख्या को लेकर सावधानी बरतने की भी बात कही क्योंकि स्थिति लगातार बदलने की वजह से आंकड़े बढ़ते-घटते रहते हैं.
उन्होंने ये भी बताया, "भारतीय मूल के ऐसे क़रीब 100 लोग हैं जो किसी अन्य देश की नागरिकता वाले हो सकते हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हों."
रणधीर जायसवाल ने कहा, "यहां विदेश मंत्रालय का नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे काम कर रहा है. इसी तरह काठमांडू में हमारे दूतावास और बीजिंग में हमारे दूतावास के नियंत्रण कक्ष भी लगातार काम कर रहे हैं."

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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ को लेकर पहले की गई अपनी टिप्पणी पर कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को माफ़ी मांगी है.
शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, "मेरे नेपाल से किए गए पहले ट्वीट में 'ड्रामा' शब्द के इस्तेमाल को लेकर नाराज़गी जताने वाले सभी लोगों के लिए, इस शब्द का मतलब सिर्फ़ नाटकीय स्थिति नहीं होता. इसकी एक परिभाषा 'ऐसी स्थिति या घटनाओं की श्रृंखला भी है, जिसमें बहुत शक्तिशाली ताक़तें टकराती हैं.”
हालांकि “मैंने इसे इसी अर्थ में इस्तेमाल किया था. हालांकि, मुझे ऐसे शब्द के चुनाव पर अफ़सोस है, जिसका इतनी आसानी से गलत अर्थ निकाला जा सकता है."
विनाशकारी बाढ़ आने से एक दिन पहले शशि थरूर काठमांडू के लिए रवाना हुए थे.
बुधवार को उन्होंने एक्स पर रसुवागढ़ी बॉर्डर पर हुई तबाही का एक वीडियो साझा किया और लिखा, “कल काठमांडू में मौजूद लोग उस ड्रामा से पूरी तरह अनजान थे, जो पहाड़ी इलाकों में हुई थीं और जिनसे भारी तबाही हुई. उत्तरी नेपाल के रसुवा ज़िले में तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई.”
बुधवार की भीषण बाढ़ के कारण नेपाल में अब तक 547 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें आधे से अधिक विदेशी नागरिक हैं.
जबकि चीन की सरकारी मीडिया ने कहा है कि 558 लोग लापता हैं और पांच लोगों की मौत हुई है.

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नेपाल के नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने कहा है कि बचाव और राहत अभियान जारी रहने के बीच अब तक 538 शव बरामद किए जा चुके हैं.
वहीं नेपाल पुलिस ने 579 लोगों की मौत की पुष्टि की है. इसके अलावा 1473 लोगों के घायल होने की बात कही है.
एनडीआरआरएमए के मुताबिक़, 977 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
दरअसल दोनों एजेंसियां बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ अलग-अलग अपडेट जारी कर रही हैं.
नेपाल पुलिस ने कहा है कि उसके 4,473 कर्मी राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं.
नेपाल टूरिज़्म बोर्ड ने कहा है कि विनाशकारी बाढ़ के बाद कम से कम 121 विदेशी नागरिकों को बचाया गया है.
बोर्ड के मुताबिक़, बचाए गए लोगों में 85 भारतीय नागरिक, 16 चीनी नागरिक और नौ दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल हैं. तीन लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हो पाई है.

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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत और नेपाल में आई जानलेवा बाढ़ के बाद बचाव अभियान के तालमेल के लिए अधिकारियों के साथ आपात बैठक की.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़, बैठक में राहत और बचाव कार्यों पर चर्चा की गई.
रिपोर्टों के मुताबिक़, अधिकारियों ने फ़ैसला किया कि खोज और बचाव अभियान को 'वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया जाना चाहिए, ताकि लापता चीनी और विदेशी नागरिकों को खोजने में कोई कसर न छोड़ी जाए.'
शिन्हुआ के मुताबिक़, बैठक में कहा गया कि नेपाल के प्रभावित इलाकों में 'मदद पहुंचाई जानी चाहिए' और 'अंतरराष्ट्रीय बचाव में सहयोग किया जाना चाहिए.'
एजेंसी ने बताया कि चीन 'नेपाल के आपदा प्रभावित इलाके में आपातकालीन सहायता पहुंचाएगा.'

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कोलकाता पुलिस ने टीएमसी नेता डेरेक ओ'ब्रायन, अभिषेक बनर्जी समेत कई लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
मामला कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित 9 नंबर परिसर में कथित तौर पर अवैध होर्डिंग हटाने के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है.
पुलिस के मुताबिक, 27 अगस्त को कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी. नगर निगम ने अवैध होर्डिंग हटाने के लिए पुलिस से सुरक्षा मांगी थी.
पुलिस का आरोप है कि डेरेक ओ'ब्रायन, अभिषेक बनर्जी, हुमायूं कबीर, बैसणोर चट्टोपाध्याय और अन्य लोगों ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कथित तौर पर गै़रक़ानूनी तरीक़े से भीड़ जुटाई और पुलिसकर्मियों और केएमसी अधिकारियों को उनके काम से रोकने की कोशिश की.
इस मामले में शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 121(1), 74, 3(5) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है.
पुलिस ने यह कार्रवाई कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट या बदसलूकी के आरोपों के संबंध में की है.
उधर, टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने पुलिस अधिकारियों पर धक्का मुक्की करने के आरोप लगाए.
दरअसल, गुरुवार शाम को टीएमसी कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला था. भारी भीड़ में पार्टी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन सीढ़ियों पर गिरते हुए नज़र आए.
मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, "साढ़े तीन बजे कोलकाता नगर निगम अवैध नोटिस लेकर आया, जिसे कोलकाता पुलिस का समर्थन हासिल था. नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं थे. नोटिस में कहा गया था कि एक तस्वीर संलग्न है, लेकिन कोई तस्वीर नहीं थी. नोटिस में कोई विवरण भी नहीं था... डेढ़ घंटे से ज़्यादा समय तक हमने उन्हें समझाने की कोशिश की. इसके बाद वे अवैध तरीक़े से इमारत में घुस गए. 150 से ज़्यादा पुलिस अधिकारी वहां अंदर चले गए. उन्होंने सीढ़ियों पर हमें धक्का दिया और हमारे साथ धक्का-मुक्की की."

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बीते बुधवार को आई बाढ़ के कारण तिब्बत में पांच लोगों की मौत हो गई है. चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक़, 558 लोग अभी भी लापता हैं.
बीबीसी नेपाली के अनुसार, चीन ने तिब्बत में लापता 558 लोगों की जानकारी सार्वजनिक कर दी है.
उधर, चीन ने चेतावनी दी है कि हाल में हुए भूस्खलन के बाद बनी एक झील के टूटने का जोखिम बहुत ज़्यादा है. इससे नीचे की ओर एक और बाढ़ आ सकती है.
सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के मुताबिक़, शुक्रवार तक नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी इस बैरियर झील में अनुमानित 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था.
बैरियर झील उस जलाशय को कहा जाता है, जो मलबे के कारण नदी का रास्ता रुकने से बनता है.
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक़, छोछेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम पर बनी यह झील गुरुवार को उफान लेने लगी थी.
अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार से सप्ताहांत के बीच करीब 30 लाख घन मीटर पानी झील में आने की आशंका है. इससे झील का किनारा टूटने का 'हाई रिस्क' है.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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नेपाल पुलिस के मुताबिक, बुधवार को आई भीषण बाढ़ में अब तक 489 लोगों की मौत हो चुकी है.
पुलिस ने बताया कि बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित रासुवा और नुवाकोट ज़िलों से शव बरामद किए गए हैं. हालांकि, बड़ी संख्या में शव चितवन ज़िले में मिले हैं.
चितवन से होकर त्रिशूली नदी गुज़रती है, जो आगे जाकर सेती गंडकी नदी में मिलती है. बाढ़ के तेज़ बहाव के चलते शव बहकर चितवन तक पहुंचने की आशंका है.
नेपाल में फ़्लैश फ़्लड और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. कई इलाक़ों में भारी तबाही के कारण बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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नेपाल सरकार ने बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक लापता विदेशी नागरिकों की सूची जारी की है. इस आपदा में 489 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
सरकार की ओर से जारी सूची में 537 विदेशी नागरिकों के नाम, जन्मतिथि और उनकी राष्ट्रीयता दी गई है. ये सभी लोग बाढ़ आने के बाद से संपर्क में नहीं हैं.
लापता लोगों में सबसे ज्यादा 178 भारतीय नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 33 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिक भी सूची में शामिल हैं.
नेपाल में बुधवार को आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. कई इलाक़ों में सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे राहत और बचाव अभियान प्रभावित हुआ है.
अधिकारियों की ओर से लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है.

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नेपाल में बाढ़ के बाद बने गंभीर हालात के बीच प्रतिनिधि सभा में विपक्ष के नेता भीष्म राज आंगदेम्बे ने कहा कि इलाक़े की भौगोलिक स्थिति और ख़राब मौसम राहत और बचाव अभियान के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "इन चुनौतियों के बावजूद सेना और सभी हेलिकॉप्टर टीमें पूरी तरह अभियान में जुटी हुई हैं."
उन्होंने कहा कि ऊपर की तरफ हालात को देखते हुए प्रशासन तुरंत ज़रूरी कदम उठा रहा है. संघीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारें मिलकर राहत और बचाव का काम कर रही हैं.
आंगदेम्बे के मुताबिक, अभियान में सेना के दो हेलिकॉप्टरों के अलावा प्राइवेट हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने लोगों को हालात की जानकारी लगातार दिए जाने की बात कही.

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नेपाल पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 9 बजे तक, रसुवा ज़िले में बुधवार को आई बाढ़ की वजह से 475 लोगों की मौत हो चुकी है.
पुलिस ने यह भी बताया कि बचाव और तलाशी अभियान जारी हैं, साथ ही प्रभावित इलाकों में "रास्ते से मलबा हटाने" की कोशिशें भी चल रही हैं.
नेपाल की सेना का कहना है कि उसने बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों से 900 लोगों को बचाया है. सबसे प्रभावित इलाक़ों में रसुवा और नुवाकोट ज़िले शामिल हैं.
बचाए गए लोगों में 92 भारतीय समेत 119 विदेशी नागरिक शामिल हैं.

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तिब्बत में चीनी अधिकारियों ने राहत और बचाव अभियान फ़िलहाल रोक दिया है. अधिकारियों को डर है कि भूस्खलन के बाद मलबे के बीच बनी झील के पानी का स्तर बढ़ने से आने वाले दिनों में फिर से बाढ़ आ सकती है.
अधिकारी नेपाल और तिब्बत के बीच स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के ऊपर की तरफ पानी के बढ़ते स्तर पर लगातार नज़र रख रहे हैं. बुधवार को हुए भूस्खलन के दौरान कीचड़ और पानी के तेज़ बहाव ने इस सीमा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था.
कई घंटों से हो रही भारी बारिश के बाद मलबे के बीच बनी झील का पानी लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों को आशंका है कि अगर झील का पानी किनारों से बाहर निकल गया, तो आने वाले दिनों में नीचे के इलाकों में फिर भारी बाढ़ आ सकती है.
चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, इलाक़े में मौजूद बचाव दलों को फिलहाल अपना अभियान रोकने के निर्देश दिए गए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक, सीमा के तिब्बत वाले हिस्से में 550 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं. लापता लोगों में वे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो तिब्बत के पवित्र माउंट कैलाश की यात्रा पर जा रहे थे.
झील से बढ़ते ख़तरे की वजह से अब राहत और बचाव टीमों के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ लापता लोगों की तलाश और दूसरी तरफ संभावित नई बाढ़ से लोगों को सुरक्षित रखना.