अलगाववादियों का कश्मीर बंद 12 को

    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादियों ने राज्य से बाहर पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के उत्पीड़न और उन पर हमलों के ख़िलाफ़ 12 अप्रैल को कश्मीर बंद का आह्वान किया है.

जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अलावा हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (गिलानी) और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस मीरवाइज़ फ़ारूक़ गुट ने भी कश्मीर बंद का समर्थन किया है.

व्यापारी संगठन कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस ने भी कश्मीर बंद का समर्थन किया है.

गिलानी गुट के प्रवक्ता अयाज़ अकबर ने बीबीसी को बताया, "यह बंद कॉल कश्मीर से बाहर पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के उत्पीड़न और उन पर आए आए दिन हमलों के ख़िलाफ़ है."

उधर, श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में पिछले कई दिन से चल रहे तनाव के चलते शनिवार को जम्मू के उधमपुर में कई कॉलेजों के छात्रों ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ग़ैरकश्मीरी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया.

राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर निर्मल सिंह ने शनिवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के छात्रों के साथ बैठक की.

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "अब छात्रों को अपनी हड़ताल खत्म करनी चाहिए क्योंकि उनकी कई मांगें मान ली गई हैं.''

इससे पहले शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और इंस्टीट्यूट के निदेशक के साथ ग़ैरकश्मीरी छात्रों की पांच घंटे चली बैठक बेनतीजा रही थी.

एनआईटी श्रीनगर

श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में 31 मार्च को टी-20 सेमीफ़ाइनल में भारत की हार और कथित तौर पर कुछ कश्मीरी छात्रों के जश्न मनाने पर विवाद शुरू हुआ था.

इसके बाद प्रशासन ने इंस्टीट्यूट को चार दिन के लिए बंद कर दिया था.

6 अप्रैल को ग़ैरकश्मीरी छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के विवाद और बढ़ गया. ये छात्र कैंपस से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)