किसके सिर होगा ताज, लोग असमंजस में

चुनाव के बाद बिहार
    • Author, नीरज सहाय
    • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

विधानसभा चुनाव परिणाम के पहले बिहार में एक अजीब सी बेचैनी है. राज्य के किसी भी प्रमुख दल के नेता राजनीतिक रूप से पार्टी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे.

गुरुवार को पांचवें और अंतिम चरण के मतदान समाप्त होने के बाद से टीवी चैनलों पर छह एग्जिट पोल दिखाये गए.

उनमें से चार सर्वेक्षणों में सत्तारूढ़ महागठबंधन की सत्ता में वापसी होती दिखाई गयी जबकि, दो सर्वेक्षणों का दावा है कि बिहार में मुख्य विरोधी दल भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाने जा रही है.

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विभिन्न चैनलों पर दिखाए गए सर्वेक्षणों पर राज्य के सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक बहस छिड़ी थी.

पार्टी कार्यकर्ता मुन्ना चौधरी का कहना है कि सर्वेक्षण में सारे युवा मतदाताओं को एनडीए के साथ दिखाया जा रहा है.

साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि मतदान जातिय आधार पर हुआ है. दोनों तर्क विरोधाभासी हैं.

वहीँ रविरंजन कुमार पहले सर्वेक्षण के तरीके पर सवाल उठाते हैं.

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वो बहस को आगे बढाते हैं और कहते हैं कि अगर मतदान के बढ़ते प्रतिशत का कारण विकास का मुद्दा होता तो भी आगे नीतीश कुमार ही रहते और प्रधानमंत्री ने तो 17 महीने के कार्यकाल में कुछ नहीं किया है.

सभी पार्टियाँ जीत के समर्थन में अपनी- अपनी दलील पेश कर रही हैं.

वैसे तो एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की लड़ाई साफ़ झलकती है. लेकिन, इसके बावजूद प्रदेश के मुख्य विरोधी दल भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर में कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह दिखता है.

पार्टी से जुड़े ज्योतिष शशि भूषण राय ग्रहों की स्थिति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुकूल बताते हैं.

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उनके अनुसार गुरु और शनि का गोचर नीतीश कुमार की तुलना में प्रधानमंत्री बहुत मजबूत है. इसलिए एनडीए की सरकार बनेगी.

वहीँ पार्टी के संजय मयूख कहते हैं कि सकारात्मक वोटिंग इतनी अधिक होता ही नहीं है और दो तिहाई वोट से जीतेंगे.

जबकि, यादव सम्मान से जुड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के देवमुनी सिंह यादव जीत के लिए आश्वस्त दिखे.

वे कहते हैं कि आठ तारीख को मनेर का लड्डू, बाढ़- धनरुआ का लाई, मोकामा का गुलाब जामुन बांटा जाएगा.

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वहीं मोहसिन रजा कहते हैं कि सेक्युलर तरीके से जश्न मनाया जायेगा.

चैनल और एजेंसियां सर्वेक्षण के माध्यम से अलग- अलग राजनीतिक संभावनाएं बता रहे हैं तो सभी मुख्य पार्टियों के कार्यकर्ता अपने- अपने जीत के दावे कर रहे हैं.

ऐसे में अब राज्य की जनता की निगाहें रविवार के वास्तविक चुनाव परिणाम की घोषणा पर लगी है.

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