दुर्गम क़िलों में भी था पानी का इंतज़ाम

    • Author, नितिन श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

भारत में शुरू से ही नदी, झरने, कुँए और तालाब पानी के प्रमुख स्रोत रहे हैं.

लेकिन ज़रा सोचिए कि सुरक्षा के लिहाज़ से जब रियासतें शहरों से भी ऊँचाई पर या वीराने में बड़े-बड़े क़िले बनवाती थीं तब वहां पानी का क्या स्रोत रहा होगा? पानी के बचाव के लिए क्या तरीक़े अपनाए जाते रहे होंगे?

आइए हम बताते हैं भारत के कुछ ऐसे ही क़िलों में पानी के इंतज़ाम के बारे में.

जहाज़ महल, मांडू, मध्य प्रदेश

इस 120 मीटर बड़े महल का नाम ही इसलिए पड़ा क्योंकि ये दो मानव निर्मित झीलों के बीच बनाया गया था. महल इनके बीच  पानी में तैरते जहाज़ की तरह दिखता है. झील में भरे पानी का इस्तेमाल महीनों होता था. यह महल में ठंडक भी पहुंचाता था.
इमेज कैप्शन, इस 120 मीटर बड़े महल का नाम ही इसलिए पड़ा क्योंकि ये दो मानव निर्मित झीलों के बीच बनाया गया था. महल इनके बीच पानी में तैरते जहाज़ की तरह दिखता है. झील में भरे पानी का इस्तेमाल महीनों होता था. यह महल में ठंडक भी पहुंचाता था.
महल में नहाने का सार्वजनिक स्थल बनाया गया था, जिसके लिए नियमित तौर पर पानी इकठ्ठा किया जाता था.
इमेज कैप्शन, महल में नहाने का सार्वजनिक स्थल बनाया गया था, जिसके लिए नियमित तौर पर पानी इकठ्ठा किया जाता था.
जहाज़ महल से सटे हुए शाही महल में हज़ारों लीटर पानी जमा किया जाता था.
इमेज कैप्शन, जहाज़ महल से सटे हुए शाही महल में हज़ारों लीटर पानी जमा किया जाता था.
महल के अंदर पानी जमा करने का शाही टैंक.
इमेज कैप्शन, महल के अंदर पानी जमा करने का शाही टैंक.

कांगड़ा फ़ोर्ट, हिमाचल प्रदेश

शाही हमाम के पास बना है पानी का टैंक.
इमेज कैप्शन, शाही हमाम के पास बना है पानी का टैंक.
किले के बाहरी हिस्से में पीने के पानी को जमा करने वाला यह विशालकाय टैंक सभी की ज़रूरतें पूरी करता था.
इमेज कैप्शन, किले के बाहरी हिस्से में पीने के पानी को जमा करने वाला यह विशालकाय टैंक सभी की ज़रूरतें पूरी करता था.

पनहलगढ़ फ़ोर्ट, महाराष्ट्र

मराठा शासकों ने एक तीन-मंज़िला 'अँधा कुआँ' बना रखा था ताकि  दुश्मन पानी में ज़हर न मिला सकें. पास के पहाड़ों के झरनों से इस कुएं में ख़ुफ़िया तरीके से पानी पहुंचाने का रास्ता था.
इमेज कैप्शन, मराठा शासकों ने एक तीन-मंज़िला 'अँधा कुआँ' बना रखा था ताकि दुश्मन पानी में ज़हर न मिला सकें. पास के पहाड़ों के झरनों से इस कुएं में ख़ुफ़िया तरीके से पानी पहुंचाने का रास्ता था.

नागौर फ़ोर्ट, राजस्थान

राजपूतों के इस किले में इन नालियों के ज़रिए दूर-दराज़ से पानी पहुंचाया जाता था.
इमेज कैप्शन, राजपूतों के इस किले में इन नालियों के ज़रिए दूर-दराज़ से पानी पहुंचाया जाता था.