कैसा लगता है अल्पसंख्यक होना?

नमाज़ में मुसलमान बच्चा
    • Author, ज़ुबैर अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
  • प्रकाशित

एक अल्पसंख्यक होना कैसा लगता है? अगर आप बहुमत में हों तो इस सवाल का जवाब आप नहीं दे सकते.

सीरिया के शरणार्थियों को इन दिनों यूरोप में पनाह मिल रही है.

कुछ समय बाद उन्हें पता चलेगा कि बहुसंख्यक सीरिया से अल्पसंख्यक यूरोपीय होने का अनुभव कैसा होता है.

मैं ज़िंदगी भर अल्पसंख्यक समुदाय का हिस्सा रहा हूं.

भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यक, भारतीय मुसलमानों के बीच सेक्युलर अल्पसंख्यक और ब्रिटेन और अमरीका में नस्ली अल्पसंख्यक.

मैंने हमेशा ख़ुद को बहुसंख्यक समुदाय से घिरा पाया है.

'संस्थाओं में नस्ली भेदभाव'

भारत में देखने पर हम सब एक जैसे लगते हैं. लेकिन हम अपने नामों के कारण अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक की श्रेणी में रख दिए जाते हैं.

भारतीय मुसलमान, मोदी

मुझे अक्सर बहुसंख्यक लोगों से सर्टिफ़िकेट इस बात का मिलता है कि मैं आम मुसलमानों से कितना अलग हूँ. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को भी शायद इसी तरह के तमग़े मिले होंगे.

लेकिन मैं अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय में भी एक अल्पसंख्यक हूँ, जो हमें बिकाऊ मुसलमान समझते हैं यानी उनके विचार में मैं हिंदुओं का चमचा हूँ.

अल्पसंख्यक कई तरह के हो सकते हैं जिनमें धार्मिक, सांस्कृतिक, नस्ली और विचारों के अल्पसंख्यक शामिल हैं.

मैं सालों पहले लंदन में रहता था, जब ये सवाल मेरे ज़ेहन में उठता था. एक बार गोरे ब्रितानी से इस पर गरमागर्म चर्चा हुई.

वह भारतपरस्त होने के साथ अल्पसंख्यकों के दोस्त भी थे. उनकी पत्नी भारतीय थीं.

जेमाइल फ़ातिमा

मैंने जब उनसे कहा कि मैं इस बात को बार-बार महसूस करता हूँ कि ब्रितानी संस्थाओं में नस्ली भेदभाव छिपा है तो वे मुझ पर बरस पड़े.

उनका कहना था कि समाज में भेदभाव है लेकिन संस्थाओं के अंदर नहीं. मैंने कहा आपको इसका एहसास कभी नहीं होगा क्योंकि आप गोरे हैं.

'स्पैनिश इनक्विज़िशन'

इतिहास पर निगाह डालें तो पता चलता है कि अक्सर बहुसंख्यकों की ही चलती है. स्पेन में मुस्लिम काल का अंत 1492 में हुआ.

कैथलिक सम्राट ने मुस्लिम और यहूदी अल्पसंख्यकों को दो विकल्प दिए- या तो ईसाई धर्म अपनाओ या देश छोड़ दो. यहूदी पूर्वी यूरोप की तरफ़ चले गए, मुस्लिम मोरक्को के लिए रवाना हो गए.

उनकी जो आबादी स्पेन में रह गई उसके ख़िलाफ़ चर्च ने ये देखने के लिए अपने मुख़बिर छोड़ दिए कि स्पेन में रहने का फ़ैसला करने वाले मुस्लिमों और यहूदियों ने पूरी तरह से ईसाई धर्म को अपनाया या नहीं.

फ़्रांस मुसलमान

इस प्रक्रिया को 'स्पैनिश इनक्विज़िशन' के नाम से जाना जाता है. जिसने ईसाई धर्म दिल से क़ुबूल नहीं किया उसकी हत्या कर दी जाती थी.

मौत के ख़ौफ़ से एक दौर ऐसा आया जब चर्च के लिए भाई अपने भाई की मुख़बिरी करने लगा. उस काल में मुस्लिम या यहूदी अल्पसंख्यक होना मुसीबत मोल लेने के बराबर था.

दूसरे विश्व युद्ध तक यूरोप में यहूदी हमेशा से बहुसंख्यक समुदाय के ज़ुल्म का शिकार होते रहे और उस समय तक उनसे दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा सुलूक किया गया. अब भी वह इसराइल के अलावा सभी देशों में अल्पसंख्यक हैं.

'अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक'

लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि यही अल्पसंख्यक जब बहुसंख्यक की आबादी का हिस्सा बन जाता है तो वो बहुसंख्यक समुदाय की तरह बर्ताव करने लगता है.

इसराइल

मिसाल के लिए अमरीका में मुझे एक बार एक इराक़ी यहूदी ने बताया कि किस तरह उसे ईरान में परेशानियां होती थीं. बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय के बनाए सिद्धांतों पर उसे चलना पड़ता था.

लेकिन इसराइली नागरिकता मिलने के बाद वह जब इसराइल में रहने लगा तो वहां के अरब अल्पसंख्यकों के साथ उसका सलूक वैसा ही हो गया जैसा कि वहां के यहूदी बहुसंख्यक का अरब मुसलमानों के साथ था.

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