लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताक़तः जेटली

अरुण जेटली
प्रकाशित

इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में हुई हलचल ने उभर रहे बाज़ारों में भी चिंताएं पैदा की हैं. लेकिन भारत की चमक बरक़रार है. विकास दर के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ दिया है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक़ भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.

बीबीसी के बिज़नेस संपादक कमाल अहमद ने भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात की और भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के बारे में जाना.

पेश है बातचीत के मुख्य अंश..

जेटलीः सरकार ऐसे माहौल में काम कर रही है जब दुनियाभर में माहौल बहुत मददगार नहीं है. बाधाओं के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अब तक सही दिशा में आगे बढ़ रही है जिसके नतीजे भी दिख रहे हैं.

माहौल में वैश्विक मंदी है पर भारत अच्छा कर रहा है. पिछले साल हमारी विकास दर 7.3 प्रतिशत थी और हमें उम्मीद है कि इस साल हमारी विकास दर पिछले साल के मुक़ाबले थोड़ी बेहतर रहेगी और उम्मीद है कि अगला साल और भी बेहतर होगा.

सवालः जो उद्योग आपके देश की ओर संभावित निवेश की नज़रों से देख रहे हैं उनके लिए आपका संदेश क्या है? पूर्वप्रभावी कर, अफ़सरशाही और भारत में व्यापार करने में आने वाली मुश्किलों को लेकर आप क्या कहेंगे.

जेटलीः जहां तक पूर्वप्रभावी करों का सवाल है तो हम पहले ही कह चुके हैं कि हमारी सरकार इस प्रक्रिया को लागू नहीं करेगी. जो लोग भारत में व्यापार और निवेश करना चाहता हैं उनसे मैं कहूंगा कि भारत में आपके लिए रेड कार्पेट बिछा है. भारत को निवेश की ज़रूरत है, भारत निवेश को आमंत्रित करता है. हम निवेशकों को लिए सबसे बेहतर जगह बनने जा रहे हैं.

ख़राब सुविधाएं

भारत में ढांचागत सुविधाएं
इमेज कैप्शन, भारत में सड़क यातायात अभी भी चुनौतीपूर्ण है.

सवालः सड़कें अभी भी ख़राब हैं, भारत में यातायात मुश्किल है. इस पर आप क्या कहेंगे?

जेटलीः जहां तक ढांचागत सुविधाओं का सवाल है मैं यही कहूंगा कि कुछ क्षेत्रों में हमने तरक़्क़ी की है. भारत के एयरपोर्टों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है. बंदरगाहों की गुणवत्ता में भी अहम सुधार हुआ है. बंदरगाहों की तादाद भी बढ़ी है. भारत की अर्थव्यवस्था जिस तरह से बढ़ रही है उसे ध्यान में रखकर बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाए जाने की ज़रूरत है. भले ही बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है लेकिन अभी भी हम आदर्श स्थिति में जैसी सुविधाएं होनी चाहिए उससे दूर हैं.

जटिल प्रक्रियाएं

सवालः भारत की व्यापक अफ़सरशाही जिसे कुछ लोग बेहद नकारात्मक भी मानते हैं उसमें आप कितना सुधार कर सके हैं?

प्रक्रियाएं कुछ जटिल हैं. केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों और नगर परिषदों के स्तर तक प्रक्रिया में जटिलताओं को कम करना हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है.

भारतीय लोकतंत्र
इमेज कैप्शन, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है.

लोकतंत्र सबसे बड़ी ताक़त

सवालः बहुत से लोग कहते हैं कि भारत सुधारों के मामले में बोलने में बहुत अच्छा है लेकिन कुछ करता नहीं है जबकि चीन बिना बोले ही चुपचाप आगे बढ़ रहा है? क्या लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी समस्या है?

जेटलीः मुझे लगता है कि लोकतंत्र हमारी सबसे बड़ी ताक़त है. एक लोकतंत्र और ऐसे समाज के रूप में जहाँ अभी भी बड़ी आबादी ग़रीब हो, सुधार लागू करना ज़्यादा चुनौतीपूर्ण है क्योंकि आपको समाज के उस वर्ग को जिसे अभी विकास की प्रक्रिया से फ़ायदा नहीं पहुँचा है यह समझाना मुश्किल है कि सुधार आपके लिए अच्छे हैं. मुझे यह लगता है कि प्रक्रियाएं भले ही धीमी हों लेकिन यह सबसे स्थिर व्यवस्था है.

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