सोपोर के मंदिर में 'चरमपंथी' हमला

    • Author, रियाज़ मसरूर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
  • प्रकाशित

पुलिस का कहना है कि भारत प्रशासित कश्मीर के सोपोर में एक मंदिर में हुए संदिग्ध चरमपंथी हमले में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई है.

श्रीनगर से 40 मील दूर सोपोर में स्थानीय संत बाबा के मंदिर से भागने से पहले हमलावर ने सुरक्षाकर्मी की राइफल भी छीन ली.

पुलिस ने बीबीसी को बताया, ''भारतीय रिजर्व पुलिस के हथियारबंध सुरक्षाकर्मी, फयाज़ अहमद मंदिर के मुख्य गेट की रखवाली कर रहे थे.

उन्होंने आगे बताया, ''तभी एक चरमपंथी ने उन पर गोलियों चलाईं जिसमें उनकी मौत हो गई. फिर हमलावर उनकी राइफल लेकर भाग गया.''

सोपोर में पिछले कुछ समय से चरमपंथ से जुड़ी घटनाओं में इजाफा हुआ है. हालांकि इस हमले कि किसी चरमपंथी समूह ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली है.

स्लीपर सेल पर शक

पुलिस का मानना है कि ये हमला प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 'स्लीपर सेल' की ओर से किया गया है. ये वही संगठन है जिसे भारत की ओर से सात साल पहले हुए मुंबई हमले का दोषी बताया गया था.

हाल के वर्षों में राइफल छीने जाने की घटनाएं भी बढ़ी हैं. सेना के अधिकारी इसके पीछे चरमपंथियों के पास हथियार की कमी होना मान रहे हैं.

पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण कश्मीर में इस तरह की कम से कम दर्जन भर घटनाएं दर्ज हुई हैं.

भारतीय सेना के श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''ऐसा मालूम होता है कि चरमपंथियों के पास पर्याप्त हथियार नहीं हैं. ये सब नियंत्रण रेखा पर हमारी निगरानी बढ़ने के कारण हुआ है. चरमपंथियों के लिए घुसपैठ अब लगभग नामुमकिन हो चुका है.''

आंकड़े हैं अलग

भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक साल 2011 में 81, साल 2012 में 61, साल 2013 में 54 और साल 2014 में 57 के मुकाबले इस साल अब तक के सात महीनों में चरमपंथी हमले की 25 घटनाएं हुई हैं.

हालांकि यह आंकड़ा जम्मू-कश्मीर पुलिस के आंकड़े से एकदम अलग है जिसके अनुसार इस साल अब तक चरमपंथी हमले की 74 घटनाएं हुई हैं.

विश्लेषक फैसल यासीन कहते हैं, "इस अंतर का कारण ये हो सकता है कि कई बार सामान्य अपराधिक घटना को सेना से जुड़े हमले में जोड़ कर देखा जाता है."

एक नागरिक की मौत

इस बीच, जम्मू इलाके में नियंत्रण रेखा पर आधी रात को हुई फायरिंग में एक नागरिक की मौत हो गई है.

रक्षा सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि मारा गया नागरिक 38 साल के सुभाष चंदर हैं. सुभाष चंदर को आरएस पुरा सेक्टर में रात को पांव में गोली लगी थी.

उन्हें जम्मू के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया है.

पाकिस्तान और भारत की सेनाएं एक दूसरे पर संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगा रही हैं जिसके कारण नियंत्रण रेखा के दोनों ओर रहने वाले कम से कम दस लोगों की मौत हुई .

पूर्व प्रादेशिक सेना कर्मी गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर में सेना ने पूर्व प्रादेशिक सेना कर्मी को गिरफ्तार किया है. उन पर जम्मू कश्मीर में गोलीबारी में मदद करने का आरोप है.

मिल रही जानकारी के मुताबिक उनकी पहचान 156 प्रादेशिक सेना (टीए) के लियाकत हुसैन के रूप में की गई है. एक सैन्य अधिकारी के मुताबिक हुसैन को साल 2011 में सेना से अलग कर दिया गया था.

रक्षा प्रवक्ता ने आगे बताया, “हामिरपुर में तैनात राष्ट्रीय राइफल्स कंपनी ने कल एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया और उसे हामिदपुर पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है.”

इस बीच सेना ने वायरलेस ट्रांसमीटर के बरामद होने का दावा किया है. रिपोर्ट के अनुसार कार्यकर्ता से पूछताछ की जा रही है.

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