कश्मीरी प्रदर्शनों की दो कहानियां

खालिद और सुहैल
इमेज कैप्शन, खालिद और सुहैल की फ़ाइल फ़ोटो.
    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

कश्मीर अभी हाल के दिनों में लंबे अरसे बाद एक बार फिर उबाल पर है.

इस साल कश्मीर के कैलेंडर के लिए 13 और 18 अप्रैल अहम हो गए, जब पुलिस की गोलियों से मारे गए दो नौजवानों की मौत ने नई सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं.

कौन हैं ये दो नौजवान जिन्हें पुलिस ने आतंकवादी क़रार दिया था?

इक्कीस साल के ख़ालिद वानी और सोलह साल के सुहैल के परिवार से मिलकर उनकी बीती ज़िंदगी का लेखा-जोखा लिया बीबीसी हिंदी के माजिद जहांगीर ने.

इनमें से एक की मौत अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की गिरफ़्तारी के बाद भारत प्रशासित कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई थी.

मसर्रत आलम की गिरफ़्तारी को लेकर शनिवार को भी घाटी में बंद का आह्वान किया गया है.

ख़ालिद वानी की कहानी

खालिद, मारे गए कश्मीरी युवक

जब मैं श्रीनगर से 50 किलोमीटर दूर पुलवामा जिले के त्राल इलाक़े में ख़ालिद वानी के घर पहुंचा तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था.

तीन मंजिल के इस मकान में ख़ालिद के पिता, छोटा भाई और मां रहते हैं.

माइकल जैक्सन और शाहिद अफ़रीदी का फ़ैन ख़ालिद वानी (21) इकोनॉमिक्स में मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे थे और उसके बाद सरकारी सेवा में जाने की उनकी तमन्ना थी.

13 अप्रैल को वो घर से बाहर निकले थे.

उसी दिन सेना ने दावा किया कि श्रीनगर से 50 किलोमीटर दूर पुलवामा के त्राल इलाक़े में <link type="page"><caption> झड़प में </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/04/150417_kashmir_pdp_bjp_coalition_crisis_over_dil" platform="highweb"/></link>एक चरमपंथी मारा गया.

बाद में पता चला कि जिस चरमपंथी का ज़िक्र सेना ने किया वो ख़ालिद थे.

सरकार का विरोधाभास

मुफ़्ती मोहम्मद सईद
इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने भी इस घटना पर अफ़सोस जताया था.

14 अप्रैल को इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस कश्मीर ज़ोन, जावेद गिलानी ने बताया, "ख़ालिद, चरमपंथियों के लिए ग्राउंड वर्कर के तौर पर काम करता था."

जबकी ख़ालिद के परिवार का दावा है कि वो बेक़सूर थे.

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि ये एक अफ़सोसजनक घटना थी.

ख़ालिद के पिता मज़हर अहमद वानी एक सरकारी स्कूल में प्रिसिंपल हैं. ख़ालिद के दो भाई हैं और एक बहन है.

उनका भाई बुरहान एक सक्रिय चरमपंथी है.

बीबीसी से बात करते हुए ख़ालिद के पिता कहते हैं, "ये सच है कि मेरा एक बेटा पांच साल पहले चरमपंथी बन गया, लेकिन ख़ालिद को क्यों आतंकी बनाकर सेना ने पेश किया? वो तो एक छात्र था जो अपनी पढ़ाई में मसरूफ़ था."

'धर्म को लेकर जुनूनी नहीं'

ख़ालिद के पिता मज़हर वानी.
इमेज कैप्शन, ख़ालिद के पिता मज़हर वानी.

मज़हर वानी कहते हैं कि, "उस दिन सुबह ख़ालिद 12 बजे बाज़ार की तरफ़ निकला. शाम ख़बर आई कि वो मुठभेड़ में मारा गया. मुझे सोशल नेटवर्किंक साईट से पता चला कि मारा गया लड़का मेरा बेटा था."

मज़हर वानी के लहज़े में काफ़ी सवाल थे. मेरे हर सवाल पर वे जवाब देते तो हैं, पर उनकी आंखों में कई सवाल तैरते नज़र आते हैं.

अपने बेटे की आदतों को याद करते हुए वे कहते हैं, "धर्म को लेकर ख़ालिद जुनूनी नहीं था. उसे बाइक और कार चलाना बहुत पसंद था."

उन्हें मुख्यमंत्री की बात से इत्मीनान तो है, पर भरोसे पर खामोश हैं.

सुहैल अहमद सोफ़ी की कहानी

सुहैल अहमद सोफ़ी
इमेज कैप्शन, सुहैल अहमद सोफ़ी की फ़ाइल फ़ोटो.

ज़िला बड़गाम के नरबल इलाके के रहने वाले 16 साल के सुहैल अहमद सोफ़ी के घर पर भी कमोबेश ख़ामोशी का ही माहौल था.

उनकी मां लगातार रोए जा रही थीं और पूरे मोहल्ले में सन्नाटा था.

एक मंजिला मकान में अभी सुहैल के सात भाई-बहन और उनके मां-बाप रह रहे हैं. सुहैल आठवी संतान थे, वे अभी पढ़ाई कर रहे थे. उनके पिता ड्राईवर हैं.

सुहैल के भाई आमिर का आरोप है कि, "18 अप्रैल को ख़ालिद वानी की मौत और मसर्रत आलम की ग़िरफ़्तारी के विरोध में जो <link type="page"><caption> प्रदर्शन हो रहे थे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/04/150418_kashmir_valley_on_alert_after_masarat_arrest_dil" platform="highweb"/></link>, उन्हें देखने सुहैल घर से बाहर निकला. इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा और फिर भाग जाने को कहा."

आमिर भी पास ही खड़े थे, वो चश्मदीद गवाह हैं.

परिजनों के सवाल

सुहैल के भाई
इमेज कैप्शन, सुहैल के भाई (आमिर सबसे बाएं)

आमिर के मुताबिक़,"जब सुहैल भागने लगा तो पुलिस ने पीछे से उसे गोली मार दी." खून से लथपथ सुहैल अस्पताल के रास्ते में ही दम तोड़ चुका था.

आमिर ने दावा किया कि उनके भाई किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं थे. इस मामले में दो जांच चल रही है.

इसके बाद इस घटना में शामिल दो पुलिसवालों को सुहैल की हत्या के <link type="page"><caption> आरोप में गि़रफ़्तार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/04/150418_kashmir_two_police_personnel_arrested_md" platform="highweb"/></link> भी कर लिया गया.

कोना, जो खाली रहता है...

सुहैल की मां
इमेज कैप्शन, गमज़दा सुहैल की मां.

सुहैल को फ़ोटोग्राफ़ी का बहुत शौक़ था.

आमिर ने बताया, “सुहैल फ़ोटो खींचता था और उसे झट से फ़ेसबुक पर डाल देता था.”

सुहैल को बैडमिंटन खेलने का भी बहुत शौक़ था. सुहैल अच्छी ज़िंदगी का शौक़ीन थे और बिज़नेसमैन बनना चाहता थे.

सुहैल नमाज़ के बड़ा पाबंद थे. उनके परिवार ने बताया कि, "सुहैल को नए-नए कपड़े ख़रीदना भी बहुत पसंद था और ख़ाली वक़्त में वो टीवी देखता था."

क्रिकेट देखने और खेलने के शौक़ीन सुहैल को विराट कोहली और शाहिद अफ़रीदी बहुत पसंद थे.

आमिर कहते हैं, "वो मेरे साथ ही सोया करता था. अब बिस्तर का वो कोना खाली ही रहता है."

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