मरम्मत को तरसती आपदा में बदहाल सड़कें

उत्तराखंड की सड़क
    • Author, शिव जोशी
    • पदनाम, देहरादून से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

उत्तराखंड में पिछले साल आई बाढ़ और भूस्खलन से हुई बरबादी के बाद पुनर्निर्माण का काम धीमी गति से ही चल रहा है. क्षतिग्रस्त सड़कों पर पांच फ़ीसदी काम ही हुआ है.

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की देखरेख में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमांत सड़कें भी बदहाल हैं.

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सीमा सड़क संगठन के काम पर नाख़ुशी जताई है और उसके कामकाज का ऑडिट कराने का आदेश दिया है.

बीआरओ यूं तो रक्षा मंत्रालय के तहत आता है पर उसे सड़क परिवहन, विदेश और गृह मंत्रालय से फ़ंड मिलता है. हालांकि बीआरओ फ़ंड की कमी की शिकायत करता रहा है.

ज़िम्मा

उत्तराखंड में प्रोजेक्ट शिवालिक के नाम से एक हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा सड़कों का ज़िम्मा बीआरओ पर है.

इनमें 650 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग भी है. और वे सड़कें भी हैं, जो चार धाम यात्रा रूट का हिस्सा हैं.

<link type="page"><caption> उत्तराखंड: 'याद करके अंदर ही अंदर रोते हैं'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/06/140616_uttarakhand_calamity_anniversary_rns.shtml" platform="highweb"/></link>

उत्तराखंड में हुई तबाही

इकॉनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बीआरओ ने 2011-12 में क़रीब 354 करोड़ रुपए मांगे थे पर सड़क परिवहन मंत्रालय से सिर्फ़ 96 करोड़ मंज़ूर हुए.

इसी तरह 2012-13 में 206 करोड़ रुपए की मांग थी और मिले क़रीब 23 करोड़.

आरोप-प्रत्यारोप

भाजपा का आरोप है कि बीआरओ पैसे की मांग करता रहा, पर केंद्र से उसे पैसा नहीं मिला जबकि राज्य सरकार का दावा है कि बीआरओ को धन मुहैया कराने में केंद्र ने कभी कोताही नहीं बरती.

<link type="page"><caption> उत्तराखंड: त्रासदी के एक साल बाद केदारनाथ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2014/06/140615_kedarnath_one_year_gallery_ap.shtml" platform="highweb"/></link>

उत्तराखंड में सड़क मरम्मत का काम

बीआरओ को 440.74 किलोमीटर लंबी सीमांत सड़कें बनानी हैं लेकिन पिछले पांच साल में वह केवल 55 किलोमीटर सड़क ही बना पाया है. 175 किमी सड़कों की कटाई हो पाई है.

पिछले दिनों देहरादून में मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अगुवाई में हुई बैठक में यह सामने आया कि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक की मदद से बनने वाली सड़कों में सिर्फ पांच प्रतिशत पर ही काम हो पाया है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>