मोदी से अलग होने के बाद कहाँ हैं जशोदाबेन?

जशोदाबेन के भाई का घर
इमेज कैप्शन, जशोदाबेन के भाई का घर
    • Author, अंकुर जैन
    • पदनाम, अहमदाबाद से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी वडोदरा सीट से चुनाव आयोग के समक्ष दाख़िल हलफ़नामे में खुद को शादीशुदा बताकर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं.

पहली बार मोदी ने आधिकारिक तौर पर स्‍वीकार कर लिया है कि जशोदाबेन उनकी पत्‍नी हैं. मोदी अभी तक पत्नी के बारे में जानकारी देने वाले कॉलम को खाली छोड़ देते थे.

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. वहीं जशोदाबेन के घर वाले इस ख़बर को लेकर उत्साहित भी है और चिंतित भी.

STYनरेंद्र मोदी ने हलफ़नामे में पत्नी का नाम लिखानरेंद्र मोदी ने हलफ़नामे में पत्नी का नाम लिखाभारतीय जनता पार्टी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से माना है कि वे शादीशुदा हैं. बुधवार को वडोदरा लोकसभा सीट के लिए नामांकन पत्र के साथ दिए गए हलफ़नामे में मोदी ने पत्नी के नाम वाले स्थान पर जशोदाबेन लिखा.2014-04-10T06:17:11+05:302014-04-10T06:52:20+05:30PUBLISHEDhitopcat2

जशोदाबेन के घर वाले कहते हैं कि बरसों की भक्ति रंग लाई है और मोदी ने आख़िरकार उनको पत्नी का दर्जा दे दिया.

जब जशोदाबेन 15 साल की थीं और मोदी 17 साल के थे, तब गुजरात के उंझा के नज़दीक ब्रह्मवाड़ा गांव में उनका विवाह हुआ था.

सुरक्षा की चिंता

जशोदाबेन का स्कूल
इमेज कैप्शन, जशोदाबेन इसी स्कूल में पढ़ाती थीं

परिवार वाले कहते हैं मोदी की बारात दो दिनों तक गाव में रुकी थी और शादी रीति रिवाज़ों के मुताबिक हुई थी. पर शादी के तीन साल के बाद दोनों अलग हो गए. इन दिनों जशोदाबेन एक रिटायर्ड स्कूल टीचर की ज़िन्दगी बसर कर रही हैं और उंझा में अपने छोटे भाई अशोक के साथ रहती हैं.

STYनरेंद्र मोदी: कंधा 18.5 इंच और सीना 43 इंचनरेंद्र मोदी: कंधा 18.5 इंच और सीना 43 इंचभारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और उनकी पसंद-नापसंद को जानने की लोगों में काफ़ी उत्सुकता है. मोदी के कपड़े सिलने वाले कन्हैया ने पहनावे को लेकर उनकी पसंद और नाप के बारे में बीबीसी को बताया.2014-04-10T11:16:45+05:302014-04-10T16:52:50+05:30PUBLISHEDhitopcat2

अशोक भाई ने बताया, "वे इन दिनों चार धाम की यात्रा पर गई हैं. उनका अधिकतर समय पूजा-पाठ में गुज़रता है. जशोदाबेन अपने विवाहित जीवन के बारे में किसी से बात नहीं करतीं. अब जब नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी पत्नी माना है तो मैं उनको अपना 'बनेवी' (जीजाजी) कह सकता हूँ."

वो कहते हैं, "मुझे लगता है कि ये जशोदाबेन की भक्ति ही है कि आज तकरीबन 50 साल बाद ये हुआ."

अशोक भाई उंझा में एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते हैं और वे दस साल के थे जब मोदी और उनकी बहन की शादी हुई थी. वो कहते हैं, "मैं और परिवार में सभी लोग चाहते हैं कि मोदी प्रधानमंत्री बने पर मैं जशोदाबेन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूँ."

नरेंद्र मोदी

रोज़ खबरें

जशोदाबेन के छोटे भाई कमलेश मोदी मानते हैं कि उनकी बहन को औपचारिक रूप से पत्नी के तौर पर नरेंद्र मोदी के स्वीकार कर लेने के बाद वह बहुत खुश होंगी. कमलेश भाई कहते हैं, "जशोदाबेन नरेंद्र मोदी के बारे में अख़बार में और न्यूज़ चैनल पर रोज़ खबरें देखा करती हैं."

STYआम चुनाव की छह ख़ास बातेंभारत चुनावों के रंग इतने हैं है किसी एक डोर में एक साथ बांधे नहीं जा सकते. इन चुनावों की छह ख़ास बातों को समेटा है बीबीसी हिंदी ने आपके लिए यहाँ 2014-04-10T20:30:27+05:302014-04-10T20:30:33+05:30PUBLISHEDhitopcat2

कमलेश बताते हैं, "कितनी बार हम उसे कहते कि क्यों देखती हो पर वह हमें चुप करा देती. आज जब मोदी ने उन्हें अपनी पत्नी माना है तो हम बहुत ख़ुश हैं. मेरी उनसे इस बारे में बात नहीं हुई है पर मैं मानता हूँ कि वे भी बहुत ख़ुश होंगी." कमलेश भाई उंझा से नज़दीक एक इसबगोल फैक्ट्री में मज़दूर हैं.

उन्होंने कहा, "हमें मोदी के प्रति हमेशा से गौरव रहा है कि हमारे यहाँ का कोई आज प्रधानमंत्री बनने जा रहा है." जब उनसे पूछा गया कि वे किसे वोट देते हैं तो कमलेश भाई ने कहा, "मैं किसी को नहीं बताता."

गृह त्याग

मोदी का शपथपत्र
इमेज कैप्शन, मोदी की ओर से दिया गया शपथपत्र

नरेंद्र मोदी का परिवार भी उनके बचाव में आगे आ गया है. नरेंद्र मोदी के भाई सोमा भाई दामोदर दास मोदी का कहना है कि 40-50 साल पहले की घटना का मूल्यांकन मोदी की आज की प्रतिष्ठा के आधार पर करना सही नहीं है.

STYमोदी का पहला लोकसभा चुनाव, वडोदरा से पर्चा भरामोदी का पहला लोकसभा चुनाव, वडोदरा से पर्चा भराभाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के वडोदरा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है. इससे पहले उन्होंने शहर में चार किलोमीटर लंबा रोड शो किया.2014-04-09T12:08:15+05:302014-04-09T13:31:11+05:30PUBLISHEDhitopcat2

वे कहते हैं, "मोदी ने सांसारिक भोग विलास को छोड़कर गृह त्याग कर रखा है. परिवर की करबद्ध प्रार्थना है कि मोदी की आज से बचपन की 40-50 साल पहले की घटना का आज की उनकी प्रतिष्ठा के आधार पर मूल्यांकन न किया जाए. 40-50 साल परिवार बहुत ही ग़रीब था और हम लोग रुढ़िवादी बंधनों में चलने वाले परिवार की संतान हैं."

सोमा भाई दामोदार दास मोदी आगे कहते हैं, "परिवार में शिक्षा नाम मात्र की थी. हमारे माता-पिता ने छोटी उम्र में हमारे भाई का विवाह करवाया. उनके लिए देश सेवा एकमात्र धर्म था. सांसारिक भोगविलास को छोड़कर गृह त्याग कर दिया. आज 45-50 साल बाद भी नरेंद्र भाई परिवार से अलिप्त हैं."

'कोई मलाल नहीं'

नरेंद्र मोदी

जशोदाबेन के बारे में सोमा भाई ने बताया कि उन्होंने अपने पिता के घर रहकर टीचर का काम करके अपनी जिंदगी गुज़ारी है. उधर पेंशन में ज़िन्दगी बसर कर रही जशोदाबेन ने कभी मोदी या अपनी शादी को लेकर कोई मलाल व्यक्त नहीं किया.

STYमोदी के भरोसे पार होगी बीजेपी की नैया?नरेंद्र मोदी के भरोसे पार होगी बीजेपी की नैया?भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी के भरोसे चुनाव मैदान में तो है, लेकिन पार्टी के अंदर ये आशंका बनी हुई है कि मोदी के भरोसे नैया पार लग पाएगी या नहीं.2014-04-07T22:33:40+05:302014-04-08T07:16:04+05:30PUBLISHEDhitopcat2

जशोदाबेन के परिवार वाले कहते हैं कि जब भी कोई मोदी के बारे में कुछ आपत्तिजनक बोलता था वह उसे चुप करा देती थीं.

मोदी से अलग होने के बाद जशोदाबेन ने धोलका से अपनी पढाई पूरी की और सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी से 2009-10 में सेवानिवृत हुई. अब वे अपना सारा वक़्त भगवान की भक्ति में बिताती हैं.

घर वाले कहते हैं कि जशोदाबेन स्कूल के बच्चों में लोकप्रिय थीं. उनके मन में मोदी के लिए कभी कोई दुर्भावना नहीं आई क्योंकि घर के बुज़ुर्ग कहते थे कि नरेंद्र मोदी को कभी शादी नहीं करनी थी पर उनके पिताजी ने उनकी शादी करवा दी.

<italic><bold>(बीबीसी हिन्दी के <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>