नीलगिरी का आदमखोर बाघ मारा गया

बाघ का फ़ाइल फ़ोटो
    • Author, इमरान कुरैशी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के मशहूर हिल स्टेशन ऊटी में उत्पात मचाने वाला आदमखोर बाघ बुधवार को आख़िरकार शिकारियों के हाथ चढ़ गया और उसे मार गिराया गया है.

इस साल जनवरी के पहले पखवाड़े में दस दिन के भीतर तीन महिलाओं की जान लेने वाले इस आदमखोर बाघ की तलाश में वन-विभाग के 150 कर्मचारी हाथ में बंदूक लिए किसी शिकारी की तरह उसे तलाश कर रहे थे.

नीलगिरी ज़िला कलेक्टर कार्यालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, ''कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारी जंगल के भीतर है. बाघ गोली लगने के बाद मर गया है.''

उन्होंने बताया, ''बाघ के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. बाघ को बेहोश नहीं किया गया था.''

इस बाघ की दहशत का आलम ये था कि आसपास के गांवों में उसकी तलाश के लिए 65 कैमरे लगाए गए थे.

लोग शाम के वक्त घरों से बाहर निकलने से डरने लगे थे और आशंका को ध्यान में रखते हुए लगभग 45 स्कूलों में छुट्टी की घोषणा करनी पड़ी थी.

आदमखोर बाघ की तलाश

इस आदमखोर बाघ को तीन दिन पहले इलाके के कुडाची गांव में एक लड़के ने देखा था और बाद में यह बाघ वहां से भाग निकला था.

आदमखोर बाघ की तलाश

इस बाघ के आतंक से क़रीब 12 हज़ार लोग प्रभावित हुए. यह इलाका ऊंटी से करीब 14 किमी की दूरी पर स्थित है.

कुंदसप्पी, तुमलाहट्टी और बत्तराकोम्बई कुछ और ऐसे इलाक़े थे जहां इस बाघ का आतंक था.

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