भारत-पाक तनाव कम करने की कोशिश करेगा सऊदी अरब

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के भारत दौरे से पहले सऊदी अरब ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिश करेगा.

मोहम्मद बिन सलमान आज दो दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं. इससे पहले वो पाकिस्तान दौरे पर थे.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है.

इस हमले में 40 जवानों की मौत हो गई थी. इसकी जिम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है.

भारत इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरा है और उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है.

वहीं, पाकिस्तान ने इस हमले में कोई भी हाथ होने से इनकार कर दिया है.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर ने कहा है कि सऊदी अरब का उद्देश्य ''दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश करना और मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीकों से हल करने का कोई रास्ता तलाशना है.''

पुलवामा हमला, कश्मीर

भारत के आरोप और पाक का जवाब

भारत लगातार पाकिस्तान को चरमपंथ का पनाहगाह बता रहा है. भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी की सूची में डालने की कोशिश भी करता रहा है लेकिन चीन ने इस पर वीटो लगाया है.

भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापिस ले लिया है और 200 प्रतिशत सीमा शुल्क बढ़ा दिया है.

वहीं, मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक संबोधन में पाकिस्तान पर लगाए जा रहे आरोपों पर सख़्त एतराज़ जताया है और कहा है कि अगर पाकिस्तान पर हमला होता है तो पाकिस्तान भी इसका जवाब देगा.

इमरान ख़ान ने भारत के आरोप पर आपत्ति जताते हुए कहा, ''पहले तो आपने बिना सबूत के इल्ज़ाम लगा दिया. पाकिस्तान के लिए सऊदी के क्राउन प्रिंस का दौरा इतना अहम था और हम ये कराते? जब पाकिस्तान स्थायित्व की तरफ़ बढ़ रहा तो हम ऐसा क्यों करेंगे?''

उन्होंने कहा,''बातचीत से ही मसले का हल होगा और क्या हिन्दुस्तान को इसके बार में नहीं सोचना चाहिए? भारत के मीडिया में और राजनीति में सुनने को मिल रहा है कि पाकिस्तान से बदला लेना चाहिए इसलिए हमला कर दे. अगर आप समझते हैं कि पाकिस्तान पर हमला करेंगे तो पाकिस्तान सोचेगा? सोचेगा नहीं, पाकिस्तान जवाब देगा.''

नरेंद्र मोदी और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भारत के साथ बढ़े तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से मदद की मांग की है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश को पत्र लिखकर तनाव कम करने के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की.

उन्होंने कहा, ''भारत द्वारा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बल प्रयोग के ख़तरे के कारण हमारे क्षेत्र में खराब हो रहे सुरक्षा हालातों पर आपका ध्यान आकर्षित करता हूं.''

हालांकि, भारत कश्मीर के मामले में किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को खारिज करता रहा है.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और इमरान ख़ान

भारत के लिए अच्छे नहीं संकेत

वहीं, मोहम्मद बिन सलमान पाकिस्तान का दौरा करके लौट रहे हैं और सऊदी अरब के रुख से भारत के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.

भारत और सऊदी ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा था कि दोनों देश चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसके ख़िलाफ़ एकजुट होने की अपील करते हैं. लेकिन, संयुक्त राष्ट्र की सूची का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए.

उनका ईशारा मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वैश्चिक आतंकी की सूची में डालने के भारत की प्रयासों से था.

इसके अलावा अपने दो दिवसीय दौरे में मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान के साथ 20 अरब डॉलर के समझौतों का ऐलान किया है. इनमें ग्वादर के नज़दीक एक तेल रिफ़ायनरी में 8 अरब डॉलर का निवेश भी शामिल है.

उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान के साथ बीस अरब डॉलर के समझौते किए हैं जो पाकिस्तान में सऊदी निवेश की पहला क़दम है.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और इमरान ख़ान

सऊदी शहज़ादे जब पाकिस्तान पहुंचे तो उनका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और सेना प्रमुख क़मर जावेद बाजवा क्राउन प्रिंस के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे.

इमरान ख़ान शहज़ादे सलमान को अपनी कार में बिठाकर प्रधानमंत्री निवास तक लेकर गए. कार वो ख़ुद ही चला रहे थे.

इमरान ख़ान के आग्रह पर मोहम्मद बिन सलमान ने अपनी देश की जेलों में बंद 2107 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करने का आदेश भी दिया है. ये कैदी अधिकतर प्रवासी श्रमिक हैं जिन्हें पूरी तरह क़ानूनी मदद नहीं मिल पाती है.

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